(रणभेरी): उत्तर प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एमएलसी चुनाव के मतदान के दिन सीतापुर और बलिया में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाना बनाते हुए पोस्टर लगाए जाने का मामला सामने आया। इन पोस्टरों में सपा के शासनकाल, कानून-व्यवस्था और बजट को लेकर कई तरह के सवाल उठाए गए। पोस्टरों पर लिखे नारों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया। बताया गया कि सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध जताते हुए पोस्टर हटा दिए और उन्हें फाड़ दिया।
पोस्टरों में समाजवादी पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाले नारे लिखे गए थे। इनमें पार्टी नेताओं पर तंज कसने के साथ-साथ दंगे, इफ्तार और बिरयानी जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया गया। इन संदेशों के जरिए सपा नेतृत्व को घेरने की कोशिश की गई।
आजम खान से मुलाकात पर ओपी राजभर का तंज
इसी बीच, कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश यादव और रामपुर जेल में बंद आजम खान की मुलाकात को लेकर निशाना साधा। राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आजम खान और सपा के रिश्तों पर कटाक्ष किया। उन्होंने इशारों में कहा कि आजम खान समाजवादी पार्टी से अलग राजनीतिक विकल्प की ओर देख सकते हैं।

राजभर ने अपने बयान में मुख्यमंत्री पद को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने दावा किया कि आजम खान की ओर से पार्टी में बने रहने के लिए मुख्यमंत्री पद की मांग किए जाने की चर्चा है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ओवैसी और मुस्लिम मुख्यमंत्री के मुद्दे पर घेरा
ओपी राजभर ने अपने बयान में असदुद्दीन ओवैसी का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि रामपुर में ओवैसी की राजनीतिक सक्रियता से समाजवादी पार्टी को नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही राजभर ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि अगर सपा को मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन हासिल करना है, तो उसे मुख्यमंत्री पद को लेकर भी स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
राजभर ने तंज भरे अंदाज में कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने की संभावना नहीं दिख रही है। इसी टिप्पणी के साथ उन्होंने सपा नेतृत्व से मुस्लिम समुदाय के किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा करने की बात कही।
कांग्रेस की सीटों की मांग पर भी निशाना
उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर भी बयानबाजी जारी है। कांग्रेस की ओर से समाजवादी पार्टी को 170 सीटों की सूची सौंपे जाने की खबर पर ओपी राजभर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि कांग्रेस को 170 के बजाय 200 से अधिक सीटों की मांग करनी चाहिए थी।
राजभर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की रणनीति उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को कमजोर करने की है। उनके इस बयान से विपक्षी गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर चल रही चर्चाएं फिर तेज हो गई हैं।
उत्तर प्रदेश में पोस्टर विवाद, आजम खान और अखिलेश यादव के संबंधों पर सियासी टिप्पणियां और सीटों के बंटवारे को लेकर बयानबाजी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।
