गंगा के ऊपर राफेल और सुखोई की गर्जना, आसमान में दिखा भारतीय वायुसेना का शौर्य; ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो ने मोहा मन

गंगा के ऊपर राफेल और सुखोई की गर्जना, आसमान में दिखा भारतीय वायुसेना का शौर्य; ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो ने मोहा मन

वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी (रणभेरी): गंगा की लहरों के ऊपर गर्जना करते लड़ाकू विमान, आसमान में हैरतअंगेज करतब दिखाते राफेल और सुखोई, हेलीकॉप्टरों से रस्सियों के सहारे उतरते जांबाज जवान और हवा में तिरंगे के साथ उड़ान भरते विमान। काशी में गुरुवार को आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो में भारतीय वायुसेना की हवाई ताकत, आधुनिक युद्ध क्षमता और स्वदेशी तकनीक की झलक देखने को मिली। गंगा के घाट इस भव्य प्रदर्शन के साक्षी बने, जहां विमानों के रोमांचक करतबों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

भारतीय वायुसेना की विभिन्न प्रदर्शन टीमों ने काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े नामों वाले फॉर्मेशन के माध्यम से अपनी दक्षता, अनुशासन और समन्वय का प्रदर्शन किया। लड़ाकू विमानों की तेज रफ्तार, हवा में अचानक दिशा बदलने की क्षमता और सटीक एरोबेटिक करतब एयर शो के प्रमुख आकर्षण रहे।

राफेल के करतबों ने बढ़ाया रोमांच, सुखोई ने भी दिखाई ताकत

एयर शो के दौरान राफेल लड़ाकू विमान का प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विमान ने तेज गति से उड़ान भरते हुए हवा में दिशा बदली और गंगा के ऊपर विभिन्न एरोबेटिक करतब दिखाए। ऊंचाई से नीचे की ओर गोता लगाने और फिर नियंत्रित तरीके से उड़ान भरने के प्रदर्शन ने दर्शकों को रोमांचित किया।

गंगा के ऊपर राफेल और सुखोई की गर्जना, आसमान में दिखा भारतीय वायुसेना का शौर्य; ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो ने मोहा मन

राफेल के तीव्र मोड़ और अलग-अलग कोणों से उड़ान भरने के दौरान पायलट के सटीक नियंत्रण और विमान की परिचालन क्षमता की झलक देखने को मिली। इसके बाद सुखोई-30 एमकेआई ने भी अपने एरोबेटिक प्रदर्शन से आसमान में भारतीय वायुसेना की ताकत का एहसास कराया।

रस्सियों के सहारे उतरे जवान, हेलीकॉप्टरों ने दिखाया संयुक्त अभियान कौशल

वरुणा फॉर्मेशन के तहत भारतीय वायुसेना और थलसेना के तीन एएलएच मार्क-III हेलीकॉप्टरों के संयुक्त प्रदर्शन में स्लिदरिंग ऑपरेशन का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे जवान नीचे उतरे। इस अभ्यास के जरिए आपात परिस्थितियों में सैनिकों को निर्धारित स्थान पर उतारने और सैन्य अभियानों में हवाई सहायता की उपयोगिता प्रदर्शित की गई।

वहीं, भागीरथी फॉर्मेशन में हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों और अपाचे की संयुक्त उड़ान को कार्यक्रम में शामिल किया गया था। त्रिदेव फॉर्मेशन के तहत तीनों सेनाओं के हेलीकॉप्टरों के समन्वय और अलकनंदा फॉर्मेशन में चिनूक तथा एएलएच हेलीकॉप्टरों की उड़ान के जरिए विभिन्न सैन्य क्षमताओं को प्रदर्शित करने की योजना थी।

सारनाथ फॉर्मेशन में दिखी सैन्य विमानन की विरासत

एयर शो में आधुनिक लड़ाकू विमानों के साथ सैन्य विमानन के ऐतिहासिक सफर की झलक भी देखने को मिली। सारनाथ फॉर्मेशन के तहत हार्वर्ड विमान ने हेरिटेज उड़ान भरी। पायलट डॉ. एके सिंह ने पुराने दौर के इस विमान को उड़ाकर भारतीय सैन्य विमानन की विरासत को सामने रखा।

गंगा के ऊपर राफेल और सुखोई की गर्जना, आसमान में दिखा भारतीय वायुसेना का शौर्य; ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो ने मोहा मन

इसके अलावा सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम ने अपने समन्वित हवाई करतबों से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। टीम के हेलीकॉप्टरों की एकसाथ उड़ान और सटीक तालमेल ने वायुसेना के प्रशिक्षण और टीमवर्क को प्रदर्शित किया।

काशी फॉर्मेशन में विमानों ने बनाया ‘वी’ आकार

काशी फॉर्मेशन में तीन किरण विमानों ने विजय के प्रतीक ‘वी’ आकार में उड़ान भरने का प्रदर्शन किया। गंगा के ऊपर विमानों की समन्वित उड़ान ने भारतीय वायुसेना के अनुशासन और सामूहिक कौशल को रेखांकित किया।

ओंकार फॉर्मेशन में तीन एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टरों के राष्ट्रीय ध्वज और वायुसेना के ध्वज के साथ उड़ान भरने का कार्यक्रम निर्धारित था। वहीं, गंगा फॉर्मेशन में तीन चेतक हेलीकॉप्टरों के माध्यम से पुष्पवर्षा की योजना भी कार्यक्रम का हिस्सा थी।

ऑपरेशन सिंदूर की झलक, छह लड़ाकू विमानों का एरोहेड फॉर्मेशन

एयर शो के निर्धारित कार्यक्रम में विश्वनाथ, पशुपति और नीलकंठ फॉर्मेशन भी शामिल रहे। इनमें क्रमशः सुखोई-30 एमकेआई, जगुआर और राफेल विमानों की उड़ान प्रस्तावित थी।

प्रचंड फॉर्मेशन के तहत छह लड़ाकू विमानों के एरोहेड आकार में उड़ान भरने की योजना थी। इस फॉर्मेशन के जरिए ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में भारतीय वायुसेना की युद्ध क्षमता, सटीक प्रहार और त्वरित कार्रवाई की क्षमता को रेखांकित करने का उद्देश्य था।

तेजस और सूर्यकिरण टीम भी रहीं आकर्षण का केंद्र

स्वदेशी तकनीक और भारतीय विमानन क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए हल्के लड़ाकू विमान तेजस के अस्सी फॉर्मेशन को भी कार्यक्रम में शामिल किया गया था। इसके अलावा नौ सूर्यकिरण विमानों के साथ सी-17 ग्लोबमास्टर के दशाश्व फॉर्मेशन को भी प्रमुख आकर्षणों में रखा गया था।

गंगा के ऊपर राफेल और सुखोई की गर्जना, आसमान में दिखा भारतीय वायुसेना का शौर्य; ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो ने मोहा मन

इन प्रदर्शनों के माध्यम से भारतीय वायुसेना की आधुनिक हवाई शक्ति, स्वदेशी विमानन तकनीक और विभिन्न विमानों के बीच समन्वय को सामने लाने का प्रयास किया गया।

काशी की संस्कृति और भारत की सैन्य शक्ति का संगम

‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो ने काशी की सांस्कृतिक पहचान और भारतीय वायुसेना की आधुनिक सैन्य क्षमताओं को एक मंच पर प्रस्तुत किया। गंगा के ऊपर विमानों की गर्जना, हेलीकॉप्टरों के करतब और विभिन्न फॉर्मेशन के जरिए वायुसेना ने अपनी परिचालन दक्षता, तकनीकी क्षमता और टीमवर्क का प्रदर्शन किया।

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