22, 24 और 25 अक्टूबर को नमो घाट के सामने होगा भव्य एरियल डिस्प्ले, सूर्य किरण और सारंग टीम भी दिखाएंगी हवाई करतब
वाराणसी (रणभेरी): भारतीय वायु सेना के 94वें स्थापना दिवस के अवसर पर वाराणसी में भव्य एयर शो आयोजित करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। ‘विंग्स ओवर गंगा’ नाम से प्रस्तावित इस एरियल डिस्प्ले में 22, 24 और 25 अक्टूबर को नमो घाट के सामने गंगा के ऊपर आसमान में सैन्य विमानों और हेलीकॉप्टरों का रोमांचक प्रदर्शन देखने को मिलेगा। आयोजन को लेकर नमो घाट पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ ही जरूरी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सेना की निगरानी में नमो घाट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
एयर शो को देखते हुए नमो घाट को सुरक्षा घेरे में लेकर व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। भारतीय वायु सेना और मध्य कमान की कम्युनिकेशन टीम आयोजन से जुड़ी तैयारियों की निगरानी कर रही है। विमानों के संचालन और समन्वय के लिए अस्थायी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर भी तैयार कर लिया गया है।

प्रधानमंत्री के संभावित आगमन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरत रही हैं। बम निरोधक दस्ता और प्रशिक्षित स्निफर डॉग की मदद से घाट परिसर की जांच की जा रही है। इसके साथ ही आवागमन को सुगम बनाने के लिए स्थायी रास्ते के निर्माण की प्रक्रिया भी जारी है।
तेजस, राफेल और सुखोई जैसे विमान दिखाएंगे ताकत
इस एयर शो में भारतीय वायु सेना के कई प्रमुख लड़ाकू और परिवहन विमानों के शामिल होने की योजना है। इनमें स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान तेजस, एलसीएच प्रचंड, सुखोई-30 एमकेआई और राफेल जैसे अत्याधुनिक विमान प्रमुख आकर्षण होंगे। इनके अलावा IL-76, IL-78, C-295 और AN-32 जैसे विमान भी एरियल डिस्प्ले का हिस्सा होंगे।

कार्यक्रम में भारतीय नौसेना और भारतीय सेना के विमानों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। इससे तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और संयुक्त संचालन क्षमता की झलक देखने को मिलेगी। तेजस विमान और सूर्य किरण एरोबेटिक टीम के वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचने के साथ ही आयोजन की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है।
सूर्य किरण और सारंग के करतब बढ़ाएंगे रोमांच
एयर शो में सूर्य किरण एरोबेटिक टीम के साथ भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम भी अपने कौशल का प्रदर्शन करेगी। सूर्य किरण टीम के विमानों की सामूहिक उड़ान और हवा में सटीक फॉर्मेशन दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहने की उम्मीद है। वहीं सारंग टीम अपने रंगीन हेलीकॉप्टरों के जरिए रोमांचक हवाई करतब दिखाएगी।
2003 में हुई थी सारंग टीम की शुरुआत
सारंग टीम का गठन वर्ष 2003 में किया गया था। इस टीम में स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) ‘ध्रुव’ का इस्तेमाल होता है। टीम के हेलीकॉप्टर एक साथ उड़ान भरकर अलग-अलग आकृतियां और जटिल फॉर्मेशन बनाते हैं।
कम दूरी पर उड़ते हुए हेलीकॉप्टरों के बीच सटीक संतुलन बनाए रखना पायलटों के कौशल, अनुशासन और आपसी तालमेल की परीक्षा होता है। नियमित अभ्यास के जरिए टीम इन करतबों को अंजाम देती है और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय एयर शो में भारतीय वायु सेना का प्रतिनिधित्व करती रही है।
‘सारंग’ शब्द संस्कृत से लिया गया है, जिसका अर्थ मोर होता है। हेलीकॉप्टरों के आकर्षक रंग और अनूठी उड़ान शैली इस टीम को दूसरी एरोबेटिक टीमों से अलग पहचान दिलाते हैं।

स्वदेशी तकनीक और वायु सेना के कौशल का प्रदर्शन
‘विंग्स ओवर गंगा’ के जरिए दर्शकों को सैन्य विमानों की ताकत के साथ भारतीय वायु सेना के पायलटों की दक्षता देखने का अवसर मिलेगा। सारंग टीम का प्रदर्शन स्वदेशी ध्रुव हेलीकॉप्टर की क्षमताओं को प्रदर्शित करेगा, जबकि लड़ाकू विमानों की भागीदारी देश की हवाई सुरक्षा और सैन्य तकनीक की ताकत को रेखांकित करेगी।
वाराणसी में इस आयोजन को लेकर तैयारियां जारी हैं। हालांकि, कार्यक्रम में शामिल होने वाले विमानों, प्रदर्शन के समय और आम लोगों के लिए प्रवेश संबंधी अंतिम जानकारी के लिए प्रशासन या वायु सेना की आधिकारिक सूचना पर नजर रखना जरूरी होगा।
