वाराणसी (रणभेरी): महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बीपीएड और एमपीएड पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शारीरिक दक्षता परीक्षा के परिणामों में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों के विरोध के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने 17 अक्टूबर को प्रस्तावित काउंसिलिंग स्थगित कर दी है। प्रशासन ने इसके पीछे अपरिहार्य कारणों का हवाला दिया है। काउंसिलिंग की नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी।
प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया था। छात्रों ने शारीरिक दक्षता परीक्षा के अंकों में कथित बदलाव, खेल उपलब्धियों के लिए निर्धारित अंकों का लाभ नहीं मिलने और परीक्षा की वीडियोग्राफी नहीं कराए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने परिणामों की दोबारा जांच कराने की मांग भी उठाई।
परिणामों में अंकों के बदलाव पर अभ्यर्थियों ने उठाए सवाल
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि दौड़ और अन्य शारीरिक परीक्षणों के परिणामों में कुछ अभ्यर्थियों के अंक अलग-अलग समय पर जारी सूचियों में अलग दिखाई दिए। छात्रों ने सवाल किया कि यदि अंकों में संशोधन हुआ है, तो इसके पीछे क्या आधार रहा और इस प्रक्रिया की जिम्मेदारी किसकी है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से परिणामों का सत्यापन कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
खेल उपलब्धियों का लाभ नहीं मिलने की शिकायत
अभ्यर्थी गुरुदत्त गुप्ता ने दावा किया कि खेलों में हासिल किए गए पदकों और अन्य उपलब्धियों के बावजूद उन्हें अपेक्षित अंक नहीं मिले। उनका कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया में खेल प्रमाणपत्रों के आधार पर मिलने वाले अंकों का उचित मूल्यांकन होना चाहिए।
इसी तरह अभ्यर्थी आनंद यादव ने बताया कि वह चार बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें अपनी खेल उपलब्धियों के अनुरूप अंक मिलने को लेकर संदेह है। छात्रों ने मांग की कि सभी प्रमाणपत्रों और उनसे जुड़े अंकों की दोबारा जांच की जाए।
वीडियोग्राफी नहीं होने से पारदर्शिता पर सवाल
अभ्यर्थियों ने शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं होने पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि पहले इस तरह की परीक्षाओं में वीडियोग्राफी कराई जाती थी, जबकि इस बार रिकॉर्डिंग नहीं होने से प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। छात्रों ने पूरे मामले की जांच कराकर प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
नई तारीख बाद में होगी घोषित
विश्वविद्यालय की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के बीपीएड एवं एमपीएड पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 17 अक्टूबर को प्रस्तावित काउंसिलिंग अपरिहार्य कारणों से स्थगित की गई है। कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय के अनुसार, काउंसिलिंग की अगली तारीख अलग से जारी की जाएगी।
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से काउंसिलिंग स्थगित करने के लिए अपरिहार्य कारणों का उल्लेख किया गया है। वहीं, अभ्यर्थियों की ओर से उठाए गए आरोपों और परीक्षा परिणामों की दोबारा जांच की मांग को लेकर आगे की स्थिति पर नजर बनी हुई है।
