CJP-AISA की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा, नेहा बोरा के खिलाफ लगे ‘बंद करो’ के नारे; प्रकाश राज बोले- हर जिले में बनाएंगे जंतर-मंतर

CJP-AISA की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा, नेहा बोरा के खिलाफ लगे ‘बंद करो’ के नारे; प्रकाश राज बोले- हर जिले में बनाएंगे जंतर-मंतर

(रणभेरी): कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने 15 अक्टूबर को दिल्ली में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, प्रशांत भूषण और अभिनेता प्रकाश राज भी मौजूद रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस समय व्यवधान पैदा हो गया, जब नेहा बोरा के बोलना शुरू करते ही कुछ लोगों ने ‘बंद करो’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। हालांकि, नारे लगाने वालों की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। प्रशांत भूषण ने कहा कि यदि सरकार का दमन जारी रहा, तो सत्ता परिवर्तन की जरूरत पड़ेगी। वहीं, प्रकाश राज ने आंदोलन को देशव्यापी स्तर पर ले जाने की बात कही।

दीपके का आरोप- प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कानून का इस्तेमाल

अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए सरकार प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि तिरंगा फहराने जैसे कदम को भी कानून के उल्लंघन के रूप में पेश किया जा रहा है। दीपके के मुताबिक, लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत विरोध दर्ज कराने वालों को हिरासत में लेना उचित नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग और सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

नेहा बोरा बोलीं- कार्रवाई से आंदोलन खत्म नहीं होगा

AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि हिरासत में लेने या प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करने से आंदोलन को समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि यह विरोध किसी एक राजनीतिक दल, झंडे या व्यक्ति तक सीमित नहीं है। बोरा ने कहा कि आंदोलन दिल्ली से मुंबई तक जारी है और इसे दबाने की कोशिशों के बावजूद लोग अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

प्रकाश राज का तंज- देशभर में बनाएंगे जंतर-मंतर

अभिनेता प्रकाश राज ने अपने संबोधन में सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जो बचपन में मगरमच्छ से नहीं डरता था, वह आज कॉकरोच से डर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटाने की कोशिश की, लेकिन अब आंदोलन को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने की योजना है।

प्रकाश राज के अनुसार, आने वाले समय में करीब 200 संगठन एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन को देश के प्रत्येक जिले और गांव तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सरकार ने अवैध रूप से हिरासत में रखा है। प्रकाश राज ने ज्ञानेश कुमार को जनता के सामने लाने की मांग की। ये उनके द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोप थे।

प्रशांत भूषण बोले- विरोध करना अपराध नहीं

वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपराध नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का रवैया लगातार कठोर होता जा रहा है। भूषण ने कहा कि भारत में लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए नागरिक समाज और युवाओं को आगे आना होगा। उन्होंने भाजपा के पूर्व आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि विरोध और जनआंदोलनों के जरिए पहले भी सरकारें बदली हैं।

कनॉट प्लेस में प्रदर्शन पर रोक लगाने से हाईकोर्ट का इनकार
इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन पर रोक लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया। पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर तिरंगा फहराकर प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को आश्वासन दिया कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कानूनी कदम उठाए जाएंगे। अदालत ने पुलिस के इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया।

कारोबार प्रभावित होने की आशंका, 3 नवंबर को अगली सुनवाई

कनॉट प्लेस के एक दुकानदार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्रदर्शन के कारण कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताई थी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि कनॉट प्लेस राजधानी का प्रमुख व्यावसायिक इलाका है और प्रदर्शन के कारण व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

वकील ने दावा किया कि बीते एक सप्ताह से कारोबार पर असर पड़ रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि सप्ताहांत में प्रदर्शन होने से व्यापारियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। दिल्ली पुलिस ने अदालत में कहा कि स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हाईकोर्ट ने इस आश्वासन को दर्ज करते हुए मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर के लिए निर्धारित की है।

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