वाराणसी (रणभेरी): विकास खंड सेवापुरी स्थित क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम खादी ग्रामोद्योग विद्यालय में गुरुवार को टूल किट वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ खादी और ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार ने फीता काटकर एवं दीप प्रज्वलित कर किया। आयोजन का उद्देश्य खादी एवं ग्रामोद्योग को बढ़ावा देना और ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना रहा।
गौरतलब है कि खादी और ग्रामोद्योग आयोग, भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत है। आयोग का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, खादी को जीवनशैली का हिस्सा बनाना और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करना है।

ग्रामोद्योग विकास योजना के तहत मण्डलीय कार्यालय, वाराणसी द्वारा लगभग 1100 लाभार्थियों को विभिन्न टूल किट्स एवं मशीनों का वितरण किया गया। इनमें विद्युत चालित चाक, मधुमक्खी पालन बॉक्स, दोना-पत्तल निर्माण मशीन, ऑटोमैटिक अगरबत्ती निर्माण मशीन, फुटवियर निर्माण मशीन, फुटवियर रिपेयरिंग टूल किट, तेल घानी मशीन तथा वेस्ट वुड क्राफ्ट टूल किट प्रमुख रहे। इन उपकरणों से ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और स्वरोजगार की इच्छा रखने वाले लोगों को अपने गांव में ही रोजगार स्थापित करने का अवसर मिलेगा।
टूल किट वितरण के बाद चांदपुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित जिला उद्यम एवं उद्योग प्रोत्साहन केंद्र के प्रशासनिक भवन परिसर में राज्य स्तरीय खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। प्रदर्शनी में खादी उत्पाद, हस्तनिर्मित वस्त्र, ग्रामोद्योग से जुड़े उत्पाद तथा स्थानीय कारीगरों की कला का प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शनी 10 दिनों तक चलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना है। वितरित टूल किट्स के माध्यम से लाभार्थी आत्मनिर्भर बन सकेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने खादी अपनाने और स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की।
इस अवसर पर भाजपा एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी मध्य क्षेत्र यशपाल सिंह, उप निरीक्षक विनीत कुमार, संतोष कुमार सिंह, संदीप सिंह सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।
उत्साह और उमंग के बीच संपन्न यह कार्यक्रम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
