(रणभेरी): योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह काशी प्रवास के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन किया। दर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर क्षेत्र के आसपास भ्रमण कर दुकानदारों और स्थानीय बच्चों से संवाद किया तथा उनका कुशलक्षेम जाना। बच्चों से बातचीत के दौरान उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने वाराणसी से प्रदेशव्यापी “स्कूल चलो अभियान” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने पांच निपुण विद्यार्थियों को स्कूल बैग और पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया।


विद्यालय में बच्चों संग दिखे आत्मीय
कंपोजिट विद्यालय शिवपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री बच्चों के बीच काफी सहज और प्रसन्न नजर आए। उन्होंने स्वयं बच्चों के कंधों पर स्कूल बैग पहनाए, उन्हें किताबें दीं और उनका हालचाल भी पूछा।
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2017 से पहले शिक्षा सरकार की प्राथमिकता में नहीं थी और गरीब बच्चों की अनदेखी होती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में नकल को बढ़ावा दिया जाता था, जबकि अब शिक्षा के माहौल और प्रणाली दोनों में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पारंपरिक शिक्षा के साथ तकनीकी शिक्षा पर भी जोर दिया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
‘शिक्षा का उद्देश्य व्यक्तित्व निर्माण’
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति को बेहतर इंसान बनाने का सशक्त साधन है। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत और जिम्मेदारी से ही शिक्षा व्यवस्था सफल बनती है।
उन्होंने “ऑपरेशन कायाकल्प” का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के शिक्षकों के प्रयासों से विद्यालयों की स्थिति में सुधार हुआ है और अधिक से अधिक बच्चों को स्कूलों तक लाने में सफलता मिली है।
कड़ी सुरक्षा के बीच कार्यक्रम
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर प्रवेश सीमित रखा गया, जिससे कुछ प्राथमिक विद्यालयों के छात्र, शिक्षक और मीडियाकर्मी भी अंदर नहीं जा सके।
