काशी की आध्यात्मिक धरा पर झूमे सुर- कैलाश खेर ने बाबा के दरबार में टेका माथा

काशी की आध्यात्मिक धरा पर झूमे सुर- कैलाश खेर ने बाबा के दरबार में टेका माथा

वाराणसी (रणभेरी): सूफी और आध्यात्मिक गायकी के लिए दुनिया भर में पहचाने जाने वाले मशहूर गायक Kailash Kher रविवार को काशी पहुंचे। अपनी विशिष्ट आवाज़ और भक्ति भाव से भरपूर गायन शैली के लिए प्रसिद्ध कैलाश खेर ने काशी पहुंचते ही सबसे पहले Kashi Vishwanath Temple में बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। उनके आगमन की खबर मिलते ही प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

होटल में सजी सूफियाना शाम, गीतों पर झूमे श्रोता

काशी प्रवास के दौरान कैलाश खेर ने शहर के प्रतिष्ठित Taj Ganges में आयोजित एक विशेष लाइव म्यूजिक शो में अपनी प्रस्तुति दी। रविवार शाम आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने अपने लोकप्रिय सूफी गीतों और भजनों की श्रृंखला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही मंच से उनकी गूंजती आवाज़ निकली, पूरा सभागार सुर और भक्ति के रंग में डूब गया। दर्शक उनके गीतों पर झूमते नजर आए और कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और संगीतमय हो गया।

काशी की आध्यात्मिक धरा पर झूमे सुर- कैलाश खेर ने बाबा के दरबार में टेका माथा

काल भैरव मंदिर में गूंजा भजन

दर्शन-पूजन के क्रम में कैलाश खेर ने काशी के कोतवाल माने जाने वाले Kaal Bhairav Temple में भी मत्था टेका। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच उन्होंने बाबा भैरव को समर्पित एक भजन भी गाया।

उनकी स्वर लहरियों से मंदिर परिसर भक्ति रस में डूब गया और वहां मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इसके बाद उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

बोले -“काशी आत्मा को ऊर्जा देने वाली नगरी”

काशी प्रवास के दौरान कैलाश खेर ने कहा कि काशी उनके लिए केवल एक शहर नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है। उन्होंने कहा,“मैं जब भी काशी आता हूं, खुद को भीतर से चार्ज महसूस करता हूं। यह शिव की नगरी है और यहां की आध्यात्मिकता मन को अद्भुत शांति देती है।”उन्होंने यह भी कहा कि जब भी उन्हें अवसर मिलता है, वे काशी जरूर आते हैं और बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

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