- संवेदनशील इलाकों में कड़ी सुरक्षा, मस्जिदों के आसपास पुलिस रही मुस्तैद
- लगड़े हाफिज, ज्ञानवापी व बड़ी मस्जिद में जुटे बड़ी संख्या में नमाजी
- चांद पर टिकी निगाहें, 29 का चांद हुआ तो 20 मार्च को भी हो सकती है अलविदा नमाज
- दालमंडी व नई सड़क क्षेत्र में प्रशासन ने पहले से खाली कराए मार्ग
वाराणसी (रणभेरी)। मुकद्दस रमजान के महीने में अलविदा जुमे की नमाज शुक्रवार को शहर की विभिन्न मस्जिदों में अकीदत और खामोशी के माहौल में अदा की गई। नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था, वहीं कई स्थानों पर पुलिस अधिकारियों ने स्वयं मौके पर पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया।
शहर की प्रमुख मस्जिदों नई सड़क स्थित लगड़े हाफिज मस्जिद, बादशाहबाग की मुगलिया मस्जिद, आंध्रा पुल की बड़ी मस्जिद, शिवाला स्थित खाकी शाह मस्जिद तथा ज्ञानवापी मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजियों ने अलविदा जुमे की नमाज अदा की। नमाज को देखते हुए पुलिस ने पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कर रखे थे। नमाज से पहले अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था।

अलविदा जुमे की नमाज दोपहर करीब 12:30 बजे शुरू हुई, जो अपराह्न लगभग तीन बजे तक चली। इस दौरान नई सड़क, दालमंडी और ज्ञानवापी क्षेत्र में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई थी। नई सड़क स्थित लगड़े हाफिज मस्जिद और ज्ञानवापी परिसर के आसपास विशेष रूप से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। नमाज शुरू होने से पहले ही नई सड़क क्षेत्र की कई सड़कों को खाली करा दिया गया था, ताकि भीड़ और यातायात को नियंत्रित रखा जा सके। दालमंडी क्षेत्र में भी पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। इलाके में बैरिकेडिंग कर यातायात को नियंत्रित किया गया और मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। प्रशासन का उद्देश्य नमाज को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना था, जिसमें पुलिस को काफी हद तक सफलता भी मिली।

उधर रमजान के अंतिम जुमे को लेकर इस बार असमंजस की स्थिति भी बनी हुई है। आलिम-ए-दीन ने शुक्रवार को ही अलविदा जुमे की नमाज मानते हुए नमाज अदा करने का ऐलान किया था। हालांकि चांद दिखने की स्थिति के अनुसार अगले सप्ताह भी अलविदा जुमे की नमाज अदा की जा सकती है।

मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने बताया कि रमजान के आखिरी शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज अदा की जाती है। इस बार यदि रमजान 29 दिनों का होता है तो यही जुमे की नमाज अलविदा मानी जाएगी, लेकिन यदि रमजान 30 दिनों का हुआ और 19 मार्च को चांद दिखाई नहीं दिया, तो 20 मार्च को भी अलविदा जुमे की नमाज अदा की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम तौर पर 29 तारीख को चांद दिखाई देने की संभावना अधिक रहती है, इसलिए एहतियातन इस शुक्रवार को ही अलविदा जुमे के तौर पर नमाज अदा की गई है।
