वाराणसी (रणभेरी ): आस्था और भारतीय संस्कृति के प्रति गहरे प्रेम की एक अनोखी झलक काशी में देखने को मिली। कनाडा से आए एक विदेशी जोड़े ने हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर गंगा तट पर सनातन परंपरा के अनुसार विवाह संपन्न किया।
करीब 12,200 किलोमीटर की यात्रा कर वाराणसी पहुंचे यानिक और मानों ने मणिकर्णिका क्षेत्र स्थित रत्नेश्वर महादेव मंदिर के सामने वैदिक मंत्रों और विधि-विधान के साथ शादी रचाई। इस अनोखे विवाह को देखने के लिए घाट पर मौजूद लोगों की भीड़ भी जुट गई।
गंगा की गोद में हुआ विवाह समारोह
विवाह के दौरान दोनों ने भारतीय पारंपरिक वेशभूषा धारण की। दूल्हे यानिक ने धोती-कुर्ता और साफा पहना, जबकि दुल्हन मानों लाल साड़ी और पारंपरिक आभूषणों में सजी नजर आईं। गंगा तट पर पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच सभी वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह की रस्में पूरी कराई गईं।
इस दौरान दोनों ने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा भी व्यक्त की। उनका कहना था कि भारत आकर सनातन विधि से विवाह करना उनके जीवन का बेहद खास और आध्यात्मिक अनुभव है।
कनाडा में चलाते हैं सैलून
विवाह समारोह के आयोजक वाराणसी निवासी मार्टिन ने बताया कि यानिक और मानों पहले ही कनाडा में करीब पांच वर्ष पहले शादी कर चुके हैं। लेकिन भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के प्रति लगाव के कारण उन्होंने काशी में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ दोबारा विवाह करने की इच्छा जताई।
उन्होंने बताया कि यह दंपती कनाडा में सैलून का व्यवसाय करते हैं और भारत आकर सनातन परंपरा के अनुसार विवाह करना उनके लिए एक सपना था।
आयोजन कराना मेरे लिए सम्मान
मार्टिन ने बताया कि उन्हें इस पूरे विवाह समारोह का आयोजन करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि सभी विवाह संस्कार, पूजा-पाठ और उत्सवों की व्यवस्था करना उनके लिए सम्मान और खुशी की बात रही।
काशी के पवित्र घाटों पर संपन्न हुआ यह अनोखा विवाह समारोह एक बार फिर दुनिया के सामने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की गहरी आस्था को दर्शाता नजर आया।
