- रोज़ 2-3 किमी लंबी कतार : मकर संक्रांति पर स्पर्श दर्शन बंद, पांच द्वारों से होंगे झांकी दर्शन
- मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी सहित सभी प्रमुख स्नानों पर सख़्त भीड़ प्रबंधन
वाराणसी (रणभेरी) : प्रयागराज में चल रहे माघ मेले का असर अब काशी विश्वनाथ मंदिर में साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। माघ स्नान के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं के प्रयागराज पहुंचने के साथ ही बड़ी संख्या में भक्त काशी भी आ रहे हैं। इसका सीधा असर बाबा विश्वनाथ के दर्शन पर पड़ा है। प्रतिदिन लगभग दो से तीन लाख श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर रहे हैं, जिससे मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की कतारें दो से तीन किलोमीटर तक लंबी लग रही हैं।
लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं लागू की हैं। वर्तमान में श्रद्धालुओं को पांच अलग-अलग द्वारों से दर्शन कराए जा रहे हैं, ताकि भीड़ का दबाव एक स्थान पर न पड़े और दर्शन सुचारु रूप से चलते रहें। मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है।

मंदिर प्रशासन के एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं को एंड-टू-एंड बैरिकेडिंग के जरिए झांकी दर्शन कराए जाएंगे। यह व्यवस्था स्नान पर्व से एक दिन पहले और एक दिन बाद तक लागू रहेगी, ताकि अत्यधिक भीड़ के बावजूद किसी तरह की अव्यवस्था न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन तिथियों पर स्पर्श दर्शन और वीआईपी दर्शन की सुविधा पूरी तरह बंद रहेगी। मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र के अनुसार, नए साल पर लागू की गई दर्शन व्यवस्था ही माघ मेले के दौरान भी जारी रहेगी। सभी प्रमुख स्नानों पर एक समान व्यवस्था लागू कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम दर्शन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, पहले से बुक किए गए टिकटों पर दर्शन-पूजन कराया जाएगा।

माघ मेले के पांच प्रमुख स्नानों में 14 जनवरी को मकर संक्रांति, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या, 23 जनवरी को वसंत पंचमी, 1 फरवरी को माघी पूर्णिमा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि शामिल हैं। इन तिथियों पर भारी भीड़ को देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने विशेष यातायात डायवर्जन लागू किया है। मिर्जामुराद, राजातालाब, रोहनिया, रामनगर और लंका में 12-12 घंटे तक वाहनों को रोका जाएगा। मैदागिन-चौक-गोदौलिया क्षेत्र पूरी तरह नो-व्हीकल जोन रहेगा, जबकि शहर के भीतर छह रूटों पर ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन निर्धारित किया गया है।
