घने कोहरे और ठिठुरन का कहर, अलाव व रैन बसेरों की कमी से श्रद्धालु परेशान

घने कोहरे और ठिठुरन का कहर, अलाव व रैन बसेरों की कमी से श्रद्धालु परेशान

वाराणसी (रणभेरी); जिले में ठिठुरन और घने कोहरे का प्रभाव तेजी से बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों तक घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। बढ़ती ठंड को देखते हुए शहर के विभिन्न इलाकों में लोग अलाव और रैन बसेरों का सहारा लेने को मजबूर हैं। वहीं, नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं व यात्रियों के लिए अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था किए जाने के दावे भी किए जा रहे हैं।

प्रशासन का कहना है कि किसी भी श्रद्धालु को ठंड से परेशानी न हो, इसके लिए जगह-जगह अलाव जलाए जा रहे हैं और रैन बसेरों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। हालांकि, ज़मीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है।

इस मामले में मीडिया से बातचीत करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद निषाद ने प्रशासनिक दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वाराणसी नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से कई स्थानों पर अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। श्रद्धालुओं और यात्रियों को ठंड में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

घने कोहरे और ठिठुरन का कहर, अलाव व रैन बसेरों की कमी से श्रद्धालु परेशान

प्रमोद निषाद ने आरोप लगाया कि शहर में जगह-जगह बैरिकेटिंग लगाकर आवागमन बाधित कर दिया गया है, जिससे श्रद्धालुओं और यात्रियों को आने-जाने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा कि जिन मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता है, उन पर प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा, बल्कि केवल बैरिकेडिंग कर लोगों को परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि शहर में श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए प्राथमिकता के आधार पर अलाव की व्यवस्था कराई जाए, ताकि ठंड से राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि बेवजह बैरिकेटिंग लगाकर लोगों को असुविधा पहुंचाने के बजाय ठंड से बचाव की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए।

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