वाराणसी (रणभेरी): धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में एक बार फिर गंगा नदी की मर्यादा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में गंगा में ‘इफ्तार पार्टी’ को लेकर हुए विवाद के बाद अब बीच धारा में डीजे बजाकर बीयर पार्टी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने न केवल नदी की पवित्रता बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
वायरल वीडियो को मिर्जापुर स्थित बड़ी शीतला माता मंदिर में ‘बधावा’ ले जाने के दौरान का बताया जा रहा है। परंपरा के अनुसार माझी समाज के लोग नावों के जरिए माता के दर्शन के लिए जाते हैं। आरोप है कि इसी धार्मिक यात्रा के दौरान कुछ लोगों ने नियमों की अनदेखी करते हुए नाव पर तेज आवाज में डीजे बजाया और बीयर का सेवन किया। वीडियो में कथित तौर पर लोग गंगा के बीच जश्न मनाते नजर आ रहे हैं, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
प्रशासनिक प्रतिबंधों की खुली अवहेलना
वाराणसी प्रशासन द्वारा गंगा की संवेदनशीलता को देखते हुए नावों पर डीजे बजाने और किसी भी प्रकार की पार्टी करने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद इस तरह की घटना सामने आना प्रशासनिक व्यवस्था और जल पुलिस की गश्त पर सवाल खड़े करता है।
पहले भी हो चुका है विवाद
यह मामला इसलिए भी ज्यादा तूल पकड़ रहा है क्योंकि हाल ही में गंगा में इफ्तार पार्टी आयोजित करने के आरोप में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पुलिस ने शुरू की जांच
एसीपी अतुल अंजान के अनुसार, “एक वीडियो संज्ञान में आया है। उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की जा रही है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।” फिलहाल वीडियो की सत्यता, समय और स्थान की पुष्टि के लिए जांच जारी है, लेकिन इस घटना ने गंगा की पवित्रता और सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
