वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी के लहरतारा क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक भीषण हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। एक जर्जर एक मंजिला मकान में गैस सिलेंडर से हुए धमाके के बाद पूरी इमारत भरभराकर गिर गई। इस दर्दनाक घटना में मलबे में दबने से भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि उनकी मां और एक अन्य भाई गंभीर रूप से घायल हो गए।


जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब 7:30 से 8:00 बजे के बीच हुई, जब घर की मुखिया गिरिजा देवी रसोई में खाना बनाने की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान गैस सिलेंडर से रिसाव हुआ और अचानक तेज विस्फोट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि पुराना और कमजोर मकान इसे सह नहीं सका और तुरंत ढह गया।

हादसे के समय घर में कुल चार सदस्य मौजूद थे। मृतकों की पहचान ओम कुमार चौधरी (लगभग 30 वर्ष) और उनकी बहन प्रीति उर्फ लक्ष्मी (करीब 28 वर्ष) के रूप में हुई है। वहीं गिरिजा देवी और उनका बड़ा बेटा गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उनका इलाज बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।

धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए और तुरंत राहत कार्य में जुट गए। सूचना मिलने पर पुलिस, फायर ब्रिगेड, फील्ड यूनिट और अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाकर सभी घायलों को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कई मकानों में दरारें तक आ गईं। एहतियात के तौर पर इलाके की बिजली भी काट दी गई थी।

प्रारंभिक जांच में मामला गैस रिसाव से हुए विस्फोट का माना जा रहा है। हालांकि, बम निरोधक दस्ता (BDDS) और फॉरेंसिक टीम घटना के हर पहलू की जांच कर रही हैं। मौके से गैस चूल्हा और अन्य सामान जब्त कर परीक्षण के लिए भेजा गया है।

बताया जा रहा है कि यह मकान लगभग 50 साल पुराना था, जिसका एक हिस्सा काफी जर्जर हो चुका था। हादसे के समय परिवार उसी हिस्से में मौजूद था। परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण थी-बड़ा बेटा निजी नौकरी करता है, जबकि मृतक ओम ड्राइवर था और प्रीति पढ़ाई के साथ घर के कामों में मदद करती थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस हादसे ने इलाके में शोक और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

