वाराणसी (रणभेरी): रमजान के आखिरी जुमे पर इस बार एक अनोखी स्थिति देखने को मिली। चांद नजर न आने की वजह से ईद की तारीख आगे बढ़ गई, जिसके चलते शहर में दो बार अलविदा जुमा की नमाज अदा की गई। शुक्रवार को एक बार फिर मस्जिदों में नमाज अदा की गई, जबकि अब ईद शनिवार को मनाई जाएगी।
प्रशासन ने हालात को देखते हुए पूरे जिले सहित पूर्वांचल में 48 घंटे का हाईअलर्ट घोषित किया है। सभी प्रमुख मस्जिदों पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं, वहीं संवेदनशील इलाकों में लगातार पुलिस गश्त जारी है। वरिष्ठ अधिकारी खुद सड़कों पर उतरकर हालात का जायजा ले रहे हैं और फ्लैग मार्च भी निकाला जा रहा है।

रमजान के अंतिम शुक्रवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। ज्ञानवापी, नदेसर, लाट सरैयां, नई सड़क समेत कई प्रमुख मस्जिदों में नमाज अदा की गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई जगहों पर नमाज दो चरणों में आयोजित की गई।
मस्जिदों में नमाजियों के लिए पानी, चटाई और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की गई थीं। वहीं घरों में भी अलविदा जुमा के मौके पर खास इफ्तार का इंतजाम किया गया और फातेहा दिलाई गई।
धार्मिक विद्वानों के अनुसार, इस साल रमजान के 30 रोजे पूरे हो रहे हैं। 29वें रोजे पर चांद दिखाई न देने के कारण ईद की तारीख एक दिन आगे बढ़ गई। इसी वजह से एहतियातन पहले भी अलविदा की नमाज अदा की गई थी और अब अंतिम जुमे पर दोबारा नमाज हुई।

चांद कमेटी के मुताबिक गुरुवार को चांद की पुष्टि नहीं हो सकी, इसलिए शुक्रवार को फिर से अलविदा की नमाज पढ़ी गई। शहर की विभिन्न मस्जिदों में यह नमाज दोपहर 12:30 बजे से लेकर 3 बजे के बीच अलग-अलग समय पर अदा की गई।
धार्मिक नेताओं ने बताया कि ईद की नमाज शनिवार सुबह अलग-अलग ईदगाहों और मस्जिदों में अदा की जाएगी, जिसकी शुरुआत सुबह 7 बजे से होगी।
कुल मिलाकर, शहर में धार्मिक आस्था और प्रशासनिक सतर्कता का संतुलित माहौल देखने को मिला, जहां श्रद्धालुओं ने पूरी शांति और अनुशासन के साथ अलविदा जुमा अदा किया।
