वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में आज प्रशासन की ओर से बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए करीब 30 मकानों को हटाया जा रहा है। सुबह से ही मजदूर छेनी और हथौड़ी की मदद से जर्जर भवनों को गिराने में जुटे हुए हैं। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है और 150 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पूरी गली में बैरिकेडिंग कर आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है, जबकि ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी भी की जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिन भवनों को हटाया जा रहा है, उनकी प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी थी। सभी संपत्तियों की रजिस्ट्री कराई गई और संबंधित हिस्सेदारों के खातों में मुआवजे की राशि भेज दी गई है। ईद के मद्देनजर कुछ समय के लिए कार्रवाई रोकी गई थी, लेकिन अब इसे फिर से शुरू कर दिया गया है। इससे पहले भी 22 पुराने और जर्जर मकान हटाए जा चुके हैं।

दालमंडी क्षेत्र को एक आधुनिक मॉडल सड़क के रूप में विकसित करने की योजना है। इस परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री द्वारा उनके काशी दौरे के दौरान किया गया था। राज्य सरकार ने इसके लिए 215.88 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिसमें से लगभग 191 करोड़ रुपये 186 भवन और दुकान मालिकों को मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे।

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, नई सड़क से लेकर चौक थाना क्षेत्र तक लगभग 650 मीटर लंबी दालमंडी गली को चौड़ा किया जाएगा। प्रस्तावित योजना के तहत इसे 60 फुट तक विस्तारित किया जाएगा, जिसमें 30 फुट मुख्य सड़क और दोनों ओर 15-15 फुट चौड़ी पटरी बनाई जाएगी। इसके साथ ही बिजली, पानी और सीवर जैसी सभी सुविधाओं को भूमिगत किया जाएगा, ताकि क्षेत्र में फैले तारों के जाल से मुक्ति मिल सके। यह परियोजना पूरी होने के बाद इलाके की तस्वीर बदलने की उम्मीद जताई जा रही है।

