(रणभेरी): राजधानी में बृहस्पतिवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर 100 बटुकों का सम्मान किया। कार्यक्रम के दौरान बटुकों पर पुष्पवर्षा की गई और तिलक लगाकर उन्हें अंगवस्त्र भेंट किए गए। डिप्टी सीएम ने कहा कि “चोटी खींचने वालों को पाप लगेगा,” और सनातन परंपरा के सम्मान की बात दोहराई।
यह आयोजन ऐसे समय हुआ है, जब प्रदेश की राजनीति में शंकराचार्य को लेकर बयानबाज़ी तेज है। प्रयागराज के माघ मेले से शुरू हुआ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। इस मुद्दे पर सीएम योगी आदित्यनाथ भी कई बार प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उन्होंने बिना नाम लिए ‘कालनेमि’ का उल्लेख किया था। बजट सत्र के दौरान उनके इस बयान -“कोई भी खुद को शंकराचार्य नहीं लिख सकता”-पर भी बहस छिड़ी हुई है।
सीएम के इस कथन को लेकर विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी, सरकार पर हमलावर है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि “दूसरों से सर्टिफिकेट मांगने वालों से अगर सर्टिफिकेट मांग लिया जाए तो वे कौन सा सर्टिफिकेट देंगे?” इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
इसी सियासी पृष्ठभूमि में डिप्टी सीएम का बटुक सम्मान कार्यक्रम राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आयोजन परंपरा और आस्था के प्रति समर्थन का संदेश देने के साथ-साथ मौजूदा विवाद के बीच संत समाज को साधने की कोशिश भी हो सकता है। हालांकि, सरकार की ओर से इसे धार्मिक और सांस्कृतिक सम्मान का कार्यक्रम बताया गया है। प्रदेश में शंकराचार्य को लेकर जारी बहस के बीच यह कार्यक्रम आने वाले दिनों में राजनीतिक विमर्श को और धार दे सकता है।
