(रणभेरी): नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शन के 20वें दिन गुरुवार को संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बारिश के बीच प्रदर्शन कर रहे छात्रों की परेशानी को देखते हुए पुलिस अधिकारियों से टेंट लगाने की अनुमति मांगी।
अभिजीत दीपके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें वह पुलिसकर्मियों से बातचीत करते और उनसे प्रदर्शन स्थल पर टेंट लगाने की गुहार लगाते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल पर बैठे छात्र बारिश में भीग रहे हैं और उन्हें मौसम से बचाने के लिए अस्थायी व्यवस्था जरूरी है। दीपके ने वीडियो साझा करते हुए लिखा कि छात्रों की हालत खराब हो रही है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि प्रदर्शनकारियों को बारिश से बचाने के लिए टेंट लगाने की अनुमति दी जाए।
पुलिस पर लगाए दुर्व्यवहार के आरोप
CJP संस्थापक ने एक अन्य वीडियो भी जारी किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि बारिश से बचने के लिए तिरपाल लगाने की कोशिश कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने सख्ती दिखाई। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में मौजूद महिला छात्रों के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों ने धक्का-मुक्की की। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन
CJP नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। संगठन का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस आंदोलन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए हैं। वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। प्रदर्शन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी भी सामने आई थी। डॉक्टरों के अनुसार, करीब 11 दिनों के उपवास के दौरान उनका वजन 7 किलोग्राम से अधिक कम हुआ और उनका वजन 59.4 किलोग्राम तक पहुंच गया।
वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़े पूर्व जेएनयू छात्र नेता ऋषिकेश की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें सीने में दर्द और हाथ-पैर सुन्न होने जैसी शिकायतें हुई थीं। इलाज के बाद उनकी 11 दिन से चल रही भूख हड़ताल समाप्त कर दी गई। हालांकि, संगठन के चार अन्य छात्र अब भी अनशन पर हैं।

टिप्पणी के बाद अस्तित्व में आया CJP
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई थी। उस टिप्पणी में उन्होंने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की थी, जो सोशल मीडिया और आरटीआई जैसे माध्यमों के जरिए व्यवस्था पर लगातार सवाल उठाते हैं।
इसके बाद 16 मई को अमेरिका में रहने वाले अभिजीत दीपके ने CJP की शुरुआत की और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसके आधिकारिक अकाउंट बनाए। कुछ समय बाद संगठन ने नीट विवाद को लेकर अभियान शुरू किया और 22 मई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। संगठन का दावा है कि इस ऑनलाइन अभियान को लाखों लोगों का समर्थन मिला।
सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ी मौजूदगी
CJP ने सोशल मीडिया पर भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। संगठन के अनुसार, जून के मध्य तक उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर करोड़ों की संख्या में फॉलोअर्स थे। हालांकि बाद में फॉलोअर्स की संख्या में कुछ कमी दर्ज की गई। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी संगठन के हजारों समर्थक जुड़े हुए हैं। CJP का कहना है कि वह युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए आंदोलन जारी रखेगा।
