मेरठ कलेक्ट्रेट पर ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन, पुलिस से झड़प के बाद लाठीचार्ज; कई लोग हिरासत में

मेरठ कलेक्ट्रेट पर ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन, पुलिस से झड़प के बाद लाठीचार्ज; कई लोग हिरासत में

(रणभेरी): बीए की छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को मेरठ कलेक्ट्रेट पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। दलित महापंचायत के आह्वान पर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को कड़ी सजा देने समेत कई मांगों को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने की कोशिश की। भीड़ बढ़ने के बाद पुलिस ने कलेक्ट्रेट का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया।

करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत होती रही, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। पुलिस अधिकारियों ने कई बार लोगों से सड़क खाली करने की अपील की, मगर प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हटाना शुरू किया।

कलेक्ट्रेट गेट बंद होने के बाद सड़क पर बैठ गए प्रदर्शनकारी

जानकारी के अनुसार, ललिता गौतम को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आयोजित कार्यक्रम में मेरठ के अलावा आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता हेमंत प्रधान, दलित समाज के प्रतिनिधि और कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए।

शुरुआत में कुछ लोगों को ज्ञापन देने की अनुमति थी, लेकिन भीड़ लगातार बढ़ती गई। हालात को देखते हुए पुलिस ने कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर दिया। इससे नाराज प्रदर्शनकारी गेट के बाहर सड़क पर बैठ गए। प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित हुआ और सड़क पर जाम की स्थिति बन गई।

मेरठ कलेक्ट्रेट पर ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन, पुलिस से झड़प के बाद लाठीचार्ज; कई लोग हिरासत में

मौके पर पहुंचे एसपी देहात अभिजीत कुमार और एसपी ट्रैफिक राकेश कुमार ने प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने की अपील की। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि जाम के कारण आम लोगों को परेशानी हो रही है और ज्ञापन देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है। हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।

एसएसपी के पहुंचने के बाद बढ़ा विवाद

कई घंटे तक चले गतिरोध के बाद एसएसपी अविनाश पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एसएसपी ने उनके साथ अभद्रता की और मारपीट की। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि हिरासत में लिए गए लोगों के साथ पुलिस वैन के अंदर भी मारपीट की गई।

इसके बाद शाम करीब साढ़े चार बजे पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। पुलिस कार्रवाई के दौरान अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने करीब 50 से 60 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। इनमें से लगभग 20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

हिरासत में लिए गए लोगों में कांग्रेस नेता हेमंत प्रधान, सुशील गौतम, डीएसपी जाटव, प्रमोद शेरगढ़ी, हिमांशु सिद्धार्थ, राहुल गौतम और शशिकांत गौतम समेत कई नाम शामिल बताए गए हैं।

वकील ने पुलिस वैन में फंदा लगाने की कोशिश की

प्रदर्शन के दौरान एक वकील ने पुलिस वैन के अंदर गमछे से फंदा बनाकर आत्महत्या का प्रयास करने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया।

मेरठ कलेक्ट्रेट पर ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन, पुलिस से झड़प के बाद लाठीचार्ज; कई लोग हिरासत में

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन के कारण शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। लोगों की परेशानी को देखते हुए धरना समाप्त कराया गया और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई।

पुलिस का दावा- मामले का खुलासा पहले ही हो चुका

एसएसपी अविनाश पांडेय ने कहा कि ललिता गौतम हत्याकांड में पुलिस पहले ही कार्रवाई कर चुकी है। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले की जांच आगे बढ़ रही है।

एसएसपी के मुताबिक, कुछ लोगों ने पीड़ित परिवार को उकसाकर ज्ञापन देने के नाम पर सड़क जाम कर दिया था। पुलिस की ओर से कई बार समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। इसके बाद यातायात और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें हटाया गया।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों की पहचान की जा रही है। कुछ लोगों की भूमिका और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारियों ने ललिता गौतम हत्याकांड में चार मुख्य मांगें रखीं।

  • हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए।
  • मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए।
  • दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा, जिसमें फांसी की मांग शामिल है, दी जाए।
  • पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
  • अखिलेश यादव ने वीडियो साझा कर उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार शाम सोशल मीडिया पर प्रदर्शन के दौरान का एक वीडियो साझा किया। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि न्याय की मांग कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज करना निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में पुलिस कार्रवाई लगातार कठोर होती जा रही है और पीड़ित परिवार की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।

क्या है ललिता गौतम हत्याकांड?

मेरठ के टीपीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली बीए तृतीय वर्ष की छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसी दिन उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

दो दिन बाद 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के पास गन्ने के खेत से उसका शव बरामद हुआ था। इसके बाद परिजनों ने हत्या और दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।

मेरठ कलेक्ट्रेट पर ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन, पुलिस से झड़प के बाद लाठीचार्ज; कई लोग हिरासत में

पुलिस ने मामले में तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि आरोपी की छात्रा से लंबे समय से पहचान थी और किसी अन्य युवक से बातचीत को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस का दावा है कि इसी विवाद के चलते हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। अब दलित समाज और सामाजिक संगठनों की मांग है कि दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए। इसी मांग को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया।

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