वाराणसी (रणभेरी): बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया जारी रहने के बीच अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक (यूजी) दाखिलों की तैयारियां भी तेज कर दी हैं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी-यूजी 2025) का परिणाम घोषित किए जाने के बाद विश्वविद्यालय की केंद्रीय प्रवेश समिति आगामी प्रवेश सत्र की रूपरेखा तैयार करने में जुट गई है।
विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार, एनटीए से सफल अभ्यर्थियों का विस्तृत डेटा प्राप्त होने के बाद यूजी प्रवेश प्रक्रिया को औपचारिक रूप से प्रारंभ किया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि जुलाई के पहले सप्ताह से ऑनलाइन पंजीकरण और काउंसलिंग संबंधी गतिविधियां शुरू हो सकती हैं।

समयबद्ध प्रवेश प्रक्रिया पर जोर
पिछले वर्ष प्रवेश प्रक्रिया में देरी के कारण कई सीटों पर दाखिले पूरे नहीं हो सके थे। ऐसे में इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन समय से पूरी प्रक्रिया संपन्न कराने की दिशा में कार्य कर रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यदि प्रवेश कार्यक्रम निर्धारित समयसीमा के भीतर संचालित हुआ तो अधिकांश सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित किया जा सकेगा।
वर्ष 2024 के दौरान बीएचयू में लगभग 8,900 छात्रों ने विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिया था। हालांकि विश्वविद्यालय ने उससे अधिक सीटों पर दाखिले की योजना बनाई थी, लेकिन प्रक्रिया में विलंब के चलते कुछ सीटें रिक्त रह गई थीं।
नए पाठ्यक्रमों से बढ़ी थीं सीटें
बीते शैक्षणिक सत्र में विश्वविद्यालय ने स्वास्थ्य विज्ञान क्षेत्र से जुड़े कुछ नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत की थी। इनमें रेडियोथेरेपी और रेडियोलॉजी जैसे कार्यक्रम शामिल रहे, जिससे कुल सीटों की संख्या में वृद्धि हुई। दूसरी ओर, जिन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की मांग अपेक्षाकृत कम रही, वहां सीटों का पुनर्गठन किया गया। साथ ही संबद्ध महाविद्यालयों में भी कुछ नए कोर्स शुरू किए गए, जिससे विद्यार्थियों के लिए विकल्प बढ़े।
डेटा मिलने के बाद घोषित होगी काउंसलिंग
प्रवेश प्रकोष्ठ से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, अभ्यर्थियों का पूरा डेटा प्राप्त होने के बाद काउंसलिंग कार्यक्रम जारी किया जाएगा। अनुमान है कि डेटा उपलब्ध होने के 10 से 15 दिनों के भीतर प्रवेश से संबंधित तिथियों और दिशा-निर्देशों की घोषणा कर दी जाएगी। प्रवेश व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट और ऑनलाइन पोर्टल पर तकनीकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। जैसे ही एनटीए की ओर से आवश्यक जानकारी प्राप्त होगी, प्रवेश कार्यक्रम सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
शोध आधारित स्नातक पाठ्यक्रमों में भी मिलेगा अवसर
नई शिक्षा नीति के अनुरूप लागू चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के तहत बीएचयू इस वर्ष भी स्नातक (शोध) कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को प्रवेश देगा। विश्वविद्यालय का लक्ष्य कुल प्रवेशित विद्यार्थियों में लगभग 15 प्रतिशत छात्रों को शोध उन्मुख स्नातक कार्यक्रमों में शामिल करना है।
9200 से अधिक सीटों पर होंगे दाखिले
विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों, महिला महाविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों को मिलाकर स्नातक स्तर पर 9,200 से अधिक सीटें उपलब्ध हैं। इनमें लगभग 8,000 नियमित सीटें शामिल हैं।
सीटों के वितरण की बात करें तो मुख्य परिसर में लगभग 3,480 सीटें, महिला महाविद्यालय में करीब 695 सीटें तथा संबद्ध महाविद्यालयों में 3,500 से अधिक सीटें उपलब्ध रहेंगी। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को लगभग 1,182 पेड सीटों पर भी प्रवेश का अवसर प्रदान किया जाएगा।
सभी सीटें भरने की उम्मीद
विश्वविद्यालय प्रशासन को विश्वास है कि इस बार प्रवेश प्रक्रिया समय पर शुरू होने और काउंसलिंग कार्यक्रम व्यवस्थित रूप से संचालित होने के कारण अधिकांश सीटों पर दाखिले पूरे हो जाएंगे। अभ्यर्थियों और अभिभावकों को अब प्रवेश कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, जो एनटीए से आवश्यक डेटा प्राप्त होने के बाद कभी भी जारी की जा सकती है।
