(रणभेरी): राजधानी लखनऊ में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। तेल कंपनियों ने एक सप्ताह के भीतर चौथी बार ईंधन के दाम बढ़ा दिए हैं, जिससे आम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। ताजा संशोधन के बाद शहर में पेट्रोल की कीमत 99.28 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.64 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। नई दरों के अनुसार पेट्रोल में 86 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है।
लगातार बढ़ती कीमतों ने मध्यम वर्ग और रोज कमाने-खाने वाले लोगों का बजट पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लोगों का कहना है कि हर कुछ दिनों में बढ़ रहे दामों की वजह से घरेलू खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है। बीते सात दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में लगभग पांच रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। इसके चलते परिवहन खर्च बढ़ने की आशंका है, जिसका असर जल्द ही रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
पहले भी बढ़ चुके हैं दाम
चार दिन पहले भी तेल कंपनियों ने ईंधन के दामों में इजाफा किया था। उस समय पेट्रोल 90 पैसे और डीजल 87 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था। बढ़ोतरी के बाद लखनऊ में पेट्रोल की कीमत 98.40 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.72 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी। लगातार हो रही बढ़ोतरी से वाहन चालकों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
लोगों का कहना है कि महंगाई पहले ही चरम पर है और अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से हर चीज का खर्च बढ़ता जा रहा है। नागरिकों ने सरकार से ईंधन पर लगने वाले टैक्स में राहत देने की मांग की है ताकि आम जनता को कुछ राहत मिल सके।
डिलीवरी कर्मचारियों पर सबसे ज्यादा असर
ईंधन की बढ़ती कीमतों का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ रहा है जिनकी रोजी-रोटी पूरी तरह वाहन पर निर्भर है। ऑनलाइन डिलीवरी का काम करने वाले युवाओं ने बताया कि उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा अब पेट्रोल में खर्च हो जाता है।
एक डिलीवरी कर्मचारी ने बताया कि कंपनी उन्हें लगभग 14 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान करती है, लेकिन इसमें से करीब 10 रुपये पेट्रोल पर ही खर्च हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि दिनभर लगभग 16 से 17 घंटे मेहनत करने के बाद वह करीब 1000 रुपये कमा पाते हैं, जिसमें से 400 रुपये तक सिर्फ ईंधन पर खर्च हो जाते हैं। ऐसे में बचत नाममात्र की रह जाती है।
महंगाई ने बिगाड़ा घरेलू बजट
पेट्रोल पंप पर तेल भरवाने पहुंचे वाहन चालकों ने भी बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता जताई। स्थानीय निवासी सुनील सिंह ने कहा कि लगातार बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उनका कहना था कि सरकार को टैक्स कम करके जनता को राहत देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ईंधन महंगा होने का असर सिर्फ यात्रा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा प्रभाव खाने-पीने की चीजों, फल-सब्जियों, बच्चों की पढ़ाई, दवाइयों और कपड़ों तक पर पड़ता है। ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बढ़ने से बाजार में हर सामान की कीमत धीरे-धीरे बढ़ जाती है, जिससे आम परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह गड़बड़ा जाता है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है महंगाई
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतों में इसी तरह लगातार वृद्धि जारी रही तो आने वाले समय में परिवहन और माल ढुलाई महंगी हो सकती है। इसका सीधा असर बाजार में रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा। ऐसे में आम लोगों को महंगाई की दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है।
