वाराणसी (रणभेरी): काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रावास से जुड़े एक विवाद ने तूल पकड़ लिया, जिसके बाद बड़ी संख्या में छात्र कुलपति आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। मामला भगवान दास छात्रावास का बताया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक छात्र जिसे पूर्व में अनुशासनात्मक कारणों से हॉस्टल से निष्कासित किया जा चुका था, कथित तौर पर दोबारा भोजन के लिए छात्रावास पहुंचा। इसी दौरान वार्डन मौके पर पहुंचे और उन्होंने उस कमरे को बंद करा दिया, जहां संबंधित छात्र का साथी रह रहा था।

छात्रों का आरोप है कि जिस छात्र को कमरे से बाहर किया गया, उसकी कोई गलती नहीं थी। एक छात्र ने बताया कि “शनि नाम के छात्र को पहले ही एक विवाद में दोषी मानते हुए हटाया गया था, लेकिन उसके साथ रहने वाले दूसरे छात्र को भी कमरे से बाहर कर दिया गया, जो पूरी तरह अनुचित है।”
आक्रोशित छात्रों का कहना है कि वार्डन ने उनकी बात सुनने या संपर्क करने की भी कोशिश नहीं की। इसके बाद छात्र न्याय की मांग को लेकर कुलपति आवास के बाहर इकट्ठा हो गए और धरना शुरू कर दिया।
स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया और मौके पर प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्य व पुलिस बल तैनात किए गए। प्रशासन द्वारा छात्रों को समझाकर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया जा रहा है। छात्रों की मांग है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर वार्डन के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। फिलहाल परिसर में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
