“जब तक महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं करेंगी, मैं नहीं गाऊंगी”-दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से किया समर्थन
(रणभेरी): राजधानी में 7 फरवरी को आयोजित एक लाइव म्यूज़िक शो के दौरान पंजाबी गायिका जैस्मिन सैंडलस ने मंच से ही छेड़छाड़ की घटना पर कड़ा रुख अपनाया। परफॉर्मेंस के बीच उन्होंने अचानक गीत रोककर आयोजकों से कहा कि “इन दो लोगों को बाहर निकालिए… ये महिलाओं को परेशान कर रहे हैं।”
गायिका ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक कार्यक्रम स्थल पर महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं करेंगी, वह आगे प्रस्तुति नहीं देंगी। उनके इस फैसले का दर्शकों ने तालियों के साथ समर्थन किया। मौके पर मौजूद लोगों ने इसे जिम्मेदार कलाकार का साहसिक कदम बताया।
सोशल मीडिया पर समर्थन की लहर
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशंसकों ने खुलकर प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा, “कोई अभद्र भाषा नहीं… कोई ड्रामा नहीं… बस सख्त और सिविक अपील। सलाम है।” दूसरे यूजर ने टिप्पणी की, “ऐसे लोगों को पुलिस के हवाले किया जाना चाहिए।” वहीं एक अन्य ने कहा, “यहां लोगों को सिविक सेंस सिखानी पड़ती है।” कई यूजर्स ने इसे महिला सशक्तिकरण का सटीक उदाहरण बताते हुए गायिका को “रियल लाइफ धुरंधर” तक कह दिया।

इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों को भी संदेश
लाइव शो के दौरान छेड़छाड़ की घटनाएं कई बार विवाद का कारण बनती रही हैं। जैस्मिन सैंडलस ने जिस बेबाकी से मंच से ही कार्रवाई की मांग की, उसे इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों के लिए भी स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि आयोजनों में महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
संगीत जगत में अलग पहचान
जैस्मिन सैंडलस पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी ‘पावरफुल’ और ‘रॉ’ आवाज के लिए जानी जाती हैं। हाल में वह फिल्म धुरंधर 2 के टाइटल ट्रैक से चर्चा में आईं। इस गीत में संगीतकार शाश्वत सचदेव ने इलेक्ट्रॉनिक और पंजाबी फोक का फ्यूजन तैयार किया है। ‘यार मिले ना मिले’, ‘तरस’ और ‘इल्लीगल वेपन 2.0’ जैसे गीतों से अपनी अलग पहचान बना चुकीं जैस्मिन ने एक बार फिर साबित किया कि कलाकार सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा सकते हैं।
