वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में शुक्रवार से उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई। मतदान के पहले दिन प्रत्याशियों ने स्वयं मतदान कर चुनाव का औपचारिक शुभारंभ किया। दो दिवसीय मतदान 30 और 31 जनवरी को दीवानी न्यायालय परिसर स्थित बहुमंजिला भवन के भूतल पर आयोजित किया जा रहा है।
इस चुनाव में कुल 9,892 अधिवक्ता मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान केंद्र पर उत्तरी द्वार से प्रवेश के बाद नौ टेबलों पर क्रमवार मतदाताओं को बैलेट पेपर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वोट डालने के बाद अधिवक्ता हाल से होते हुए आगे के द्वार से बाहर निकल रहे हैं। चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए मतदान स्थल के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के प्रचार पर प्रतिबंध लगाया गया है।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुक्रवार सुबह 10 बजे मतदान की शुरुआत हुई, जो शाम 5 बजे तक चली। सेंट्रल बार एसोसिएशन और बनारस बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने अनुशासित तरीके से कतारों में लगकर मतदान किया। शुरुआती मतदान को देखकर अन्य अधिवक्ता भी बड़ी संख्या में कचहरी पहुंचे। विशेष रूप से युवा अधिवक्ताओं में मतदान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
चुनाव संचालन की जिम्मेदारी अपर जिला जज यजुर्वेद विक्रम सिंह के पास है। उनके साथ सहायक के रूप में न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यम सिंघल, अपर जिला जज आलोक कुमार, कोर्ट प्रबंधक अश्विनी आनंद नजीर सहित अरविंद सिंह समेत 100 से अधिक कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बीते कई दिनों से बार काउंसिल चुनाव का मतदान चल रहा है। 30 और 31 जनवरी को अंतिम चरण का मतदान संपन्न होगा, जिसमें वाराणसी सहित पूर्वांचल के कई जिले शामिल हैं। इस चुनाव में कुल 333 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था, हालांकि एक प्रत्याशी के निधन के बाद अब 332 उम्मीदवार मैदान में हैं।

उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सदस्य पद के लिए अकेले बनारस से लगभग 13 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। प्रमुख नामों में इंडिया बार काउंसिल के उपाध्यक्ष श्रीनाथ त्रिपाठी, हरिशंकर सिंह, विनोद पांडेय, अरुण त्रिपाठी, राजेश मिश्रा, सुनील कुमार सिंह, जैकी शुक्ला और देवेंद्र परमार शामिल हैं।
पूर्वांचल में मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जो कई महीनों तक चलने की संभावना है। इसके बाद उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के 25 सदस्यों का चयन होगा और उसी के आधार पर इंडिया बार काउंसिल का गठन किया जाएगा।
