वाराणसी के मदनपुरा में भीषण अग्निकांड: 40 लाख के कर्ज से भरा हार्डवेयर स्टोर राख, ज्वेलरी शॉप और चार मंजिला गेस्ट हाउस भी तबाह

वाराणसी के मदनपुरा में भीषण अग्निकांड: 40 लाख के कर्ज से भरा हार्डवेयर स्टोर राख, ज्वेलरी शॉप और चार मंजिला गेस्ट हाउस भी तबाह

दीपावली से पहले दो कारोबारी परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, जिंदगी भर की कमाई आग में स्वाहा; शॉर्ट सर्किट की आशंका, दमकल के देर से पहुंचने पर भी उठे सवाल

वाराणसी (रणभेरी): धर्म और संस्कृति की नगरी काशी के मदनपुरा इलाके में बुधवार को लगी भीषण आग ने दो कारोबारी परिवारों की खुशियां छीन लीं। आग की लपटों ने एक तरफ 20 साल पुरानी हार्डवेयर की दुकान को राख के ढेर में तब्दील कर दिया, तो दूसरी तरफ सतनाम ब्रदर्स ज्वेलर्स की दुकान और उसके ऊपर बने चार मंजिला गेस्ट हाउस को भी भारी नुकसान पहुंचाया। दीपावली के लिए लाखों रुपये का माल जुटाकर कारोबार में अच्छी कमाई की उम्मीद लगाए बैठे व्यापारियों के सामने अब परिवार चलाने और दोबारा कारोबार खड़ा करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

40 लाख का कर्ज लेकर खरीदा था दीपावली का माल, सब कुछ जलकर राख

मदनपुरा स्थित जेएस हार्डवेयर के मालिक संजय प्रजापति के लिए यह अग्निकांड किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। उनके मुताबिक, दुकान में झाड़ू, पेंट और तारपीन समेत अन्य सामान रखा था। दीपावली के सीजन में बिक्री बढ़ने की उम्मीद से उन्होंने करीब 40 लाख रुपये का कर्ज लेकर दुकान में माल भरा था। योजना थी कि त्योहार के दौरान अच्छी बिक्री होगी और कर्ज चुकाने में मदद मिलेगी, लेकिन आग ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

वाराणसी के मदनपुरा में भीषण अग्निकांड: 40 लाख के कर्ज से भरा हार्डवेयर स्टोर राख, ज्वेलरी शॉप और चार मंजिला गेस्ट हाउस भी तबाह

संजय ने बताया कि उनके पिता ने इस दुकान की शुरुआत की थी। पिछले करीब 20 वर्षों से परिवार इसी कारोबार के सहारे अपनी आजीविका चला रहा था। परिवार के चारों भाई दुकान पर काम करते थे। अब दुकान का सामान जल जाने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

आग बुझाने का सामान लेने गए, खुद ही फंस गए; दमकलकर्मियों ने बचाई जान

संजय प्रजापति के अनुसार, बाहर से गुजर रही एक तार से निकली चिंगारी दुकान में गिर गई, जिसके बाद आग तेजी से फैलने लगी। आग बुझाने के लिए वह फायर सेफ्टी का सामान लेने ऊपर गए, लेकिन लपटें बढ़ने के कारण वहीं फंस गए। बाद में दमकलकर्मियों ने रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, आग लगने के कारणों को लेकर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पति की सलामती की खबर मिली, लेकिन आंखों के सामने जलता दिखा सब कुछ

संजय की पत्नी इंदिरा प्रजापति ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पड़ोस से फोन आया कि दुकान में आग लग गई है। शुरुआत में उन्हें लगा कि आग सामान्य होगी और जल्द बुझ जाएगी, लेकिन मौके पर पहुंचने पर आग ने विकराल रूप ले लिया था। लोगों ने उन्हें बताया कि उनके पति सुरक्षित हैं, मगर कुछ देर बाद उन्होंने दमकलकर्मियों को संजय को बाहर निकालते देखा। परिवार के लिए यह पल बेहद मुश्किल था।

इंदिरा के मुताबिक, उनका परिवार रेवड़ी तालाब में तिलभांडेश्वर महादेव के पास रहता है। दुकान और उसके ऊपर बना गेस्ट हाउस ही परिवार की कमाई के प्रमुख साधन थे। गेस्ट हाउस को उन्होंने और उनके पति ने कई वर्षों तक एक-एक पैसा जोड़कर तैयार कराया था। उनके 14 साल का बेटा और 7 साल की बेटी स्कूल में पढ़ते हैं। आग के बाद अब परिवार के सामने बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च चलाने की चिंता भी है।

2019 में शुरू किया था कारोबार, करोड़ों के नुकसान का अनुमान

इस अग्निकांड की चपेट में सतनाम ब्रदर्स ज्वेलर्स की दुकान और उसके ऊपर बना चार मंजिला गेस्ट हाउस भी आ गया। दुकान के मालिक जोगिंदर सिंह ने बताया कि ज्वेलरी शॉप का सामान जल गया है और गेस्ट हाउस को भी भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने नुकसान करोड़ों रुपये का बताया, हालांकि वास्तविक क्षति का आकलन फिलहाल मुश्किल है।

जोगिंदर सिंह के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2019 में दुकान और गेस्ट हाउस का कारोबार शुरू किया था। वर्षों की मेहनत से खड़ा किया गया यह व्यवसाय दीपावली के व्यस्त सीजन में तबाह हो गया। इस नुकसान ने परिवार की रोजी-रोटी पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है।

40-45 मिनट बाद पहुंची दमकल, व्यापारियों ने उठाए सवाल

सतनाम ब्रदर्स ज्वेलर्स के मालिक के बेटे दीपक सिंह ने दावा किया कि दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंचने में करीब 40 से 45 मिनट लग गए। उनका कहना है कि यदि दमकल समय से पहुंच जाती, तो आग को फैलने से रोकने और कुछ सामान बचाने की संभावना थी। नवजोत सिंह ने बताया कि आग पड़ोस की दुकान में लगी थी, लेकिन देखते ही देखते लपटों ने उनकी पूरी ज्वेलरी शॉप और गेस्ट हाउस को अपनी चपेट में ले लिया।

दीपावली से पहले उजड़ गईं दो परिवारों की उम्मीदें

मदनपुरा में हुए इस अग्निकांड ने दो कारोबारी परिवारों को गहरे आर्थिक संकट में डाल दिया है। एक ओर 40 लाख रुपये का कर्ज लेकर त्योहार के लिए माल खरीदने वाले हार्डवेयर कारोबारी के सामने कर्ज चुकाने की चुनौती है, तो दूसरी ओर ज्वेलरी शॉप और गेस्ट हाउस गंवाने वाले परिवार को अपना कारोबार फिर से खड़ा करने की चिंता सता रही है।

दीपावली से ठीक पहले हुई इस घटना ने व्यापारियों की सुरक्षा व्यवस्था और दमकल की त्वरित उपलब्धता को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। अब दोनों परिवारों की निगाहें नुकसान के आकलन और उन्हें मिलने वाली संभावित सहायता पर टिकी हैं।

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