(रणभेरी): बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर दशहरा कार्यक्रम में दिए गए एक बयान को लेकर विवादों में आ गए। 20 अक्टूबर को दिए गए बयान में उन्होंने बुराई की ताकत का जिक्र करते हुए कहा था कि आखिरकार अंत सच्चाई और अच्छाई का होता है। उनके इस कथन को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे। विवाद बढ़ने के बाद रणबीर ने 21 अक्टूबर को सफाई देते हुए माफी मांगी और कहा कि उस समय उनकी जुबान फिसल गई थी।
रणबीर कपूर ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा, “मैं कल दशहरा कार्यक्रम में हुई घटना के लिए माफी मांगना चाहता हूं। उस समय मेरी जुबान फिसल गई थी। मैं कहना चाहता था कि बुराई चाहे कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, आखिर में जीत सच्चाई और अच्छाई की होगी।”
रणबीर के बयान पर क्यों मचा बवाल? 3 बड़ी वजहें
- रामायण में निभा रहे हैं भगवान श्रीराम की भूमिका
रणबीर कपूर इन दिनों फिल्म रामायण को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में वह भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में दशहरा जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक अवसर पर अच्छाई की जीत से जुड़े उनके बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आलोचकों का कहना है कि श्रीराम के किरदार से जुड़ने के कारण उनके शब्दों को अधिक सावधानी से देखा जा रहा है। फिल्म के प्रमोशन के दौरान एक कार्यक्रम में रणबीर के धनुष उठाने की तस्वीरें भी सामने आई थीं।
- फिल्म के बजट, वीएफएक्स और कास्टिंग पर पहले से चर्चा
रामायण को बड़े बजट की महत्वाकांक्षी फिल्मों में गिना जा रहा है। फिल्म के बजट को लेकर करीब 4,000 करोड़ रुपये तक के दावे चर्चा में हैं। इसके साथ ही फिल्म के वीएफएक्स और कलाकारों की कास्टिंग को लेकर भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ऐसे माहौल में रणबीर का दशहरा वाला बयान चर्चा का विषय बन गया और फिल्म से जुड़ी बहस को फिर हवा मिल गई।
- रणबीर की पुरानी टिप्पणियां और ‘एनिमल’ का किरदार भी वजह
रणबीर कपूर की फिल्म रामायण में कास्टिंग को लेकर पहले भी विरोध की आवाजें उठती रही हैं। इसकी एक वजह अभिनेता का पुराना बयान है, जिसमें उन्होंने बीफ खाने का जिक्र किया था। इसके अलावा टीवी पर प्रसारित चर्चित धारावाहिक रामायण बनाने वाले रामानंद सागर के पोते शिव सागर ने भी रणबीर के भगवान श्रीराम की भूमिका निभाने पर आपत्ति जताई थी। वहीं, फिल्म एनिमल में रणबीर के हिंसक किरदार को लेकर भी कुछ लोगों ने उनकी कास्टिंग पर सवाल उठाए हैं।
माफी के बाद क्या थमेगा विवाद?
रणबीर कपूर ने अपने बयान को जुबान फिसलने का मामला बताते हुए स्पष्ट किया कि उनका आशय सच्चाई और अच्छाई की जीत से था। हालांकि, भगवान श्रीराम की भूमिका निभाने के कारण उनके बयान पर लोगों की प्रतिक्रिया सामान्य फिल्मी विवादों से अलग रही। अब देखना होगा कि उनकी सफाई के बाद यह विवाद शांत होता है या रामायण की कास्टिंग और प्रमोशन को लेकर बहस आगे भी जारी रहती है।
