वाराणसी में अवैध पटाखों के कारोबार पर पुलिस का शिकंजा, दो आरोपी गिरफ्तार; 30 कुंतल के करीब पटाखे और कच्चा माल बरामद

वाराणसी में अवैध पटाखों के कारोबार पर पुलिस का शिकंजा, दो आरोपी गिरफ्तार; 30 कुंतल के करीब पटाखे और कच्चा माल बरामद

वाराणसी (रणभेरी): सारनाथ थाना क्षेत्र में अवैध पटाखों से जुड़े हादसे के बाद पुलिस ने शहर में आतिशबाजी के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में कोतवाली और कैंट थाना क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में पटाखे और उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। बरामद सामान की बाजार कीमत का आकलन किया जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक, गोला दीनानाथ इलाके में जड़ी-बूटियों के कारोबार की आड़ में पटाखे बनाने का कच्चा माल जमा किया गया था। वहीं, कैंट थाना क्षेत्र की कुंज बिहार कॉलोनी में भी एक मकान से बड़ी संख्या में छोटे-बड़े पटाखे मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध कारोबार से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।

गोला दीनानाथ के दो मकानों में छापेमारी

एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि गोला दीनानाथ क्षेत्र के दो मकानों में बम और आतिशबाजी बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री का भंडारण किया गया है। सूचना के आधार पर टीम ने छापेमारी की, जहां से करीब 10 कुंतल कच्चा माल बरामद हुआ।

वाराणसी में अवैध पटाखों के कारोबार पर पुलिस का शिकंजा, दो आरोपी गिरफ्तार; 30 कुंतल के करीब पटाखे और कच्चा माल बरामद

मौके से चेतगंज निवासी राजेश गुप्ता उर्फ राजू को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी जड़ी-बूटियों का कारोबार करता है और इसी की आड़ में पटाखा निर्माण से जुड़ी सामग्री जमा करने तथा उसकी आपूर्ति करने का काम करता था।

बेरियम कार्बोनेट और सल्फर समेत कई पदार्थ बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस को बेरियम कार्बोनेट, सल्फर, पोटैशियम सहित अन्य सामग्री मिली है। इन पदार्थों के भंडारण और इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घनी आबादी वाले इलाके में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री किस तरह पहुंचाई गई।

अधिकारियों के मुताबिक, बरामद सामग्री को थाने तक पहुंचाने के लिए मजदूरों की मदद ली गई। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह चेन्नई से माल मंगवाता था और बाद में इसे अधिक कीमत पर पटाखा कारोबारियों को बेचता था। पुलिस को इस मामले में कुछ अन्य ठिकानों की जानकारी भी मिली है, जहां तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

कैंट में 800 पैकेट पटाखे बरामद

दूसरी ओर, एसओजी और कैंट पुलिस की संयुक्त टीम ने कुंज बिहार कॉलोनी स्थित राहुल गुप्ता के मकान पर छापा मारा। यहां से छोटे और बड़े पटाखों के करीब 800 पैकेट बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब्त पटाखों का कुल वजन लगभग 20 कुंतल बताया गया है।

एसीपी कैंट प्रज्ञा पाठक ने बताया कि राहुल के परिसर से पटाखों के साथ उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी मिली है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति के पास पटाखों के भंडारण के लिए जरूरी अनुमति थी या नहीं।

जगमग इंडस्ट्री से जुड़ा है दूसरा आरोपी

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार राहुल गुप्ता की कर्णघंटा इलाके में जगमग इंडस्ट्री के नाम से दुकान है। अधिकारियों का कहना है कि मौके पर भंडारण संबंधी लाइसेंस और अग्निशमन विभाग की एनओसी की स्थिति की जांच की जा रही है। कार्रवाई के दौरान अग्निशमन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

त्योहारों से पहले सप्लाई की आशंका, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

पुलिस को आशंका है कि बरामद सामग्री और पटाखों की आपूर्ति त्योहारों के दौरान वाराणसी तथा आसपास के इलाकों में की जानी थी। दोनों आरोपियों से अलग-अलग थानों में पूछताछ की जा रही है। साथ ही, माल की खरीद, भंडारण और बिक्री से जुड़े लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पटाखों और उनसे संबंधित ज्वलनशील या विस्फोटक सामग्री के अवैध भंडारण को लेकर भी जांच तेज कर दी गई है।

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