वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी में मणिकर्णिका घाट से जुड़े विवाद को लेकर रविवार को सियासी हलचल तेज हो गई। एहतियातन पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।
कोतवाली थाना क्षेत्र के नक्कास इलाके में समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता लालू यादव को पुलिस ने उनके आवास पर ही नजरबंद कर दिया। सुबह के समय जब वे घर से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान करीब दस मिनट तक हल्की धक्कामुक्की की स्थिति बनी रही, जिसके बाद पुलिस उन्हें घर के भीतर ले जाने में सफल रही। पूरे घटनाक्रम के दौरान इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा।
दरअसल, मणिकर्णिका घाट पर चल रहे विवाद को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अपने वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ घाट जाने की तैयारी में थे। संभावित प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में था।
नजरबंदी पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा नेता लालू यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार सनातन परंपराओं के खिलाफ काम कर रही है। आस्था के प्रतीक अहिल्याबाई की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मुद्दे पर विरोध जारी रहेगा और समाजवादी पार्टी चुप बैठने वाली नहीं है।
इधर, चंदौली से समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह को भी मणिकर्णिका घाट जाने से रोक दिया गया। कैंट थाना क्षेत्र के अर्दली बाजार स्थित टैगोर टाउन कॉलोनी में उनके आवास पर एसीपी कैंट नितिन तनेजा के नेतृत्व में पुलिस बल पहुंचा। पुलिस के रोकने के बावजूद सांसद वीरेंद्र सिंह अपनी मांग पर अड़े रहे और घाट जाने की जिद करते हुए सड़क पर ही बैठ गए। इस दौरान कुछ देर के लिए आवागमन भी प्रभावित हुआ।
मणिकर्णिका घाट विवाद को लेकर शहर में सियासी माहौल गरमाया हुआ है। पुलिस प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
