वाराणसी (रणभेरी): काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के शिक्षा संकाय स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद छात्रावास में मेस के भोजन को लेकर छात्रों का आक्रोश सामने आया है। बुधवार रात खाने में कीड़ा मिलने के बाद छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नाराज छात्र कुलपति आवास के बाहर धरने पर बैठ गए और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की।
छात्रों का कहना है कि मेस में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर वे पहले भी कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार रात पनीर की सब्जी में कीड़ा मिलने की घटना के बाद छात्रों का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की।

भोजन की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुताबिक, मेस में परोसे जाने वाले खाने को लेकर पिछले कई दिनों से शिकायतें की जा रही थीं। इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। बुधवार को सब्जी में कीड़ा मिलने के बाद छात्रों ने विरोध दर्ज कराया और घटना से जुड़ी तस्वीर भी साझा की। छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने तथा मेस की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग उठाई।
तीन वाटर कूलर खराब होने से परेशानी
छात्रों ने छात्रावास में पेयजल और स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं को भी सामने रखा। उनका दावा है कि हॉस्टल में लगे पांच वाटर कूलरों में से तीन काम नहीं कर रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को पीने के पानी के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, उन्होंने सफाई व्यवस्था पर भी असंतोष जताया।
छात्रों ने एडमिन वार्डन पर उनकी निजता प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी अनुपस्थिति में कमरों में प्रवेश किया जाता है। उन्होंने छात्रावास प्रशासन से इस व्यवस्था में सुधार करने और विद्यार्थियों की निजी जगह का सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की।
सुरक्षाकर्मियों पर दुर्व्यवहार का आरोप
कुलपति आवास के बाहर धरने के दौरान छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों पर धक्कामुक्की और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर उनकी बात सुनें और समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दें।
सूचना मिलने पर लंका थाने की पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रों से सड़क पर प्रदर्शन नहीं करने को कहा, लेकिन छात्र कुलपति से मुलाकात की मांग पर कायम रहे। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारी को उनकी शिकायतें सुनकर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल, छात्रों की प्रमुख मांगों में मेस के भोजन की गुणवत्ता में सुधार, हॉस्टल में साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त करना तथा निजता से जुड़े मुद्दों का समाधान शामिल है।
