वाराणसी: दुर्गाकुंड में वेतन कटौती को लेकर सफाईकर्मियों का हंगामा, सुपरवाइजर और पार्षद आमने-सामने

वाराणसी: दुर्गाकुंड में वेतन कटौती को लेकर सफाईकर्मियों का हंगामा, सुपरवाइजर और पार्षद आमने-सामने

कर्मचारियों ने लगाया मनमाने ढंग से वेतन काटने का आरोप, सुपरवाइजर ने अनुपस्थिति को बताया वजह; पार्षद ने नगर निगम से निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई

वाराणसी (रणभेरी): दुर्गाकुंड चौकी के पास नगर निगम के सफाईकर्मियों ने वेतन कटौती के विरोध में प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जाहिर की। कर्मचारियों का कहना है कि नियमित रूप से काम करने के बावजूद उनकी तनख्वाह में कटौती की जा रही है। इससे उनके सामने घरेलू खर्च चलाने और बच्चों की शिक्षा से जुड़ी जरूरतें पूरी करने में परेशानी खड़ी हो रही है। मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया, जब महिला सुपरवाइजर और स्थानीय पार्षद के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।

वेतन कटौती से परेशान कर्मचारियों ने जताया विरोध

प्रदर्शन में शामिल सफाईकर्मियों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी करने के बाद भी उनके वेतन से रकम काटी जा रही है। कर्मचारियों के मुताबिक, सीमित आय में परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और बीमारी के दौरान इलाज कराना पहले ही चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में वेतन कम मिलने से उनकी आर्थिक मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कर्मचारियों ने इस मामले में सुपरवाइजर आरती तिवारी पर वेतन कटौती कराने का आरोप लगाते हुए नगर निगम के अधिकारियों से हस्तक्षेप करने की मांग की।

सुपरवाइजर का पक्ष: अनुपस्थित रहने पर कटता है वेतन

वहीं, सुपरवाइजर आरती तिवारी ने कर्मचारियों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी तैनाती क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और कर्मचारियों से नियमित रूप से काम कराने के उद्देश्य से की गई है। उनका दावा है कि कुछ कर्मचारी सुबह उपस्थिति के लिए फोटो खिंचवाने के बाद कार्यस्थल से चले जाते हैं। ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार अनुपस्थिति दर्ज की जाती है, जिसके आधार पर वेतन में कटौती होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता क्षेत्र में सफाई व्यवस्था सुचारु रखना है, न कि किसी कर्मचारी को परेशान करना।

30 हजार रुपये मांगने का आरोप, पार्षद ने किया खंडन

विवाद के बीच सुपरवाइजर ने वार्ड के पार्षद अक्षवर सिंह पर 30 हजार रुपये मांगने का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार, इस संबंध में कर्मचारियों से भी बातचीत हुई थी, लेकिन रकम देने से इनकार किए जाने के बाद मामला आगे नहीं बढ़ा। हालांकि, इस आरोप को लेकर पार्षद का पक्ष अलग है। दोनों ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पार्षद बोले- कर्मचारियों के साथ हो रहा दुर्व्यवहार

पार्षद अक्षवर सिंह ने सुपरवाइजर के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पिछले डेढ़ से दो महीनों से वार्ड में सफाईकर्मियों को परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने वेतन काटने, अभद्र व्यवहार करने और कई स्थानों पर कूड़ा नहीं उठाए जाने का आरोप लगाया।

पार्षद के मुताबिक, हाल ही में क्षेत्रीय विधायक के निरीक्षण के दौरान 20 से अधिक स्थानों पर कूड़ा जमा होने की बात सामने आई थी। उन्होंने दावा किया कि इस स्थिति से महापौर और नगर आयुक्त को भी अवगत कराया गया है।

उन्होंने कहा कि कोरोना काल से अब तक वार्ड के सफाईकर्मी नियमित रूप से काम करते रहे हैं और उनके साथ इस तरह की समस्या पहले सामने नहीं आई थी। पार्षद ने कर्मचारियों के सम्मान और वार्ड की सफाई व्यवस्था का हवाला देते हुए नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

जांच के बाद ही साफ होगी तस्वीर

दुर्गाकुंड में वेतन कटौती को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब कर्मचारियों, सुपरवाइजर और जनप्रतिनिधि के बीच आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है। एक तरफ कर्मचारी अनुचित कटौती की शिकायत कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ सुपरवाइजर इसे ड्यूटी में लापरवाही से जुड़ा मामला बता रही हैं। वहीं, पार्षद ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम के अधिकारी मामले की जांच कर कर्मचारियों की शिकायतों, उपस्थिति के रिकॉर्ड और सफाई व्यवस्था की स्थिति के आधार पर क्या कार्रवाई करते हैं।

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