बुधवार ,24-जून -19

काशी में दर्जनों गायों की दर्दनाक मौत



काशी में दर्जनों गायों की दर्दनाक मौत काशी में दर्जनों गायों की दर्दनाक मौत काशी में दर्जनों गायों की दर्दनाक मौत काशी में दर्जनों गायों की दर्दनाक मौत काशी में दर्जनों गायों की दर्दनाक मौत

गौ संरक्षण गृह कान्हा उपवन है दुर्व्यवस्था का शिकार, पशुओं के मरने का सिलसिला है जारी


वाराणसी(रणभेरी)। धार्मिक नगरी और यूं कहें तो खुद को गो माता के भक्त मानने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में बने कान्हा उपवन में चारा-पानी और गर्मी से अभी तक दर्जनों गायों की दर्दनाक मौत हो चुकी है जिनको जमीनद्दोज किया जा रहा है और शासन-प्रशासन स्तर पर इसकी कोई हलचल नहीं। गूंगी बहरी सरकार के कानों में गो माता का चित्कार नहीं पहुंच पा रहा है। यह मौत नहीं हत्या है और गो हत्या का परिणाम क्या होता है यह तो जगजाहिर है। कोर्ट के निर्देश पर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी काशी में गायों को शहर से दूर बनवाये गये कान्हा उपवन एवं कांजी हाउस में भेजा जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा गोपालकों से यह कहा जा रहा है की गो संरक्षण गृह में जानवरों को पूरी सुविधा दी जायेगी लेकिन हो रहा है उसके ठीक उल्टा। बच्छाव स्थित छितौनी कोर्ट में 13 एकड़ में बने कान्हा उपवन बना है, जिसमें 450 सौ गायों को रखने की क्षमता है, लेकिन यहां पर बेजुबान जानवरों को भूंसे की तरह भरा जा रहा है, साथ ही यहां पर जानवरों के लिये चारा-पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है जिसके आए दिन गायें मर रही हैं। अब तक दर्जनों गायों बदहाली की वजह से अपनी जान गंवाई है। जिसे नगर निगम के जेसीबी द्वारा चोरी छिपी निस्तारित भी किया जा रहा है।

काशी का संत समाज आक्रोशित

धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी काशी में बेजुबान जानवरों खासकर गायों के साथ हो रहे इस तरह के अत्याचार से काशी संत एवं विद्वत समाज काफी मर्माहत व आक्रोशित है। श्रीकाशी धर्मपीठाधीश्वर स्वामी नारायणानंद तीर्थ जी महाराज के उत्तराधिकारी शिष्य स्वामी लखन स्वरूप ब्रम्हचारी महाराज ने कहा की बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में गायों के साथ हो रहा इस तरह का पाप असहनीय है, इसको लेकर जल्द ही काशी में संत समाज की बैठक बुलायी जायेगी। गायों के साथ हो रहे इस दुखद घटना से मर्माहत काशी सुमेरूपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा की प्रदेश व केन्द्र में हिन्दुओं के नाम पर बनी अपनी सरकार में गौमाता पर हो रहे अत्याचार दुखद है। गौमाता की रक्षा के लिये काशी का साधु समाज गाय संरक्षण गृह का निरीक्षण करेगा और दोषियों पर कार्यवाही करने की मांग जिला प्रशासन से करेगा। गायों पर हो रहे अत्याचार को लेकर काशी विद्वत परिषद भी काफी आक्रोशित है। काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष पं. रामयत्न शुक्ल जो इस समय बीमार चल रहे है ने कहा की वह प्रधानमंत्री मोदी व योगी से इस बारे में बात करेगें और दोषियों पर कार्यवाही करने की भी मांग करेंगें। परिषद के महामंत्री एवं बीएचयू धर्म विज्ञान संकाय में प्रो. पं. रामनारायण द्विवेदी ने कहा की काशी में गायों पर हो रहा अत्याचार असहनीय है इसको लेकर जल्द ही विद्वत परिषद बैठक कर निर्णय लेगा।

हाइकोर्ट के आदेश का खुलेआम हो रहा हनन

गायों पर हो रहे अत्याचार से मर्माहत नगर की सामाजिक संस्था जागृति फाउण्डेशन ने दुख व्यक्त करते हुए कहा की जिस नगरी से धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज ने गौमाता की जय हो, गो हत्या बंद हो हो का नारा दिया हो उस नगरी में गायों के साथ हो रहा दुर्व्यवहार असहनीय है। संस्था के संरक्षक त्रिभुवन नाथ मिश्र का कहना है की 2 जून को पंजाब व हरियाणा हाईकोट ने अपने अति महत्वपूर्ण आदेश में पशुओं को भी इंसानो के समान अधिकार प्रदान किया है। कोर्ट ने कहा की सभी पशु अपने विशेष व्यक्तित्व के साथ एक कानूनी इकाई है और उन्हें जीवित व्यक्तियों की तरह सभी अधिकार मिलने चाहिए।

चारा पानी बिन छिन रही गो माता की जिंदगानी

गायों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार से मर्माहत सतीश चन्द्र यादव उर्फ छंटू सरदार ने कहा की जिला प्रशासन द्वारा गोपालकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। घरों से गायों को जबरदस्ती उठाकर ले जाया जा रहा है और प्रशासन द्वारा बनाये गये गो संरक्षण गृह में दुर्व्यवस्था के चलते पशुओं को चारा पानी नहीं मिल रहा है। चारा पानी नहीं मिलने के कारण रोज ही जानवर मर रहे है।



पेपर कॉपी पढ़े