वाराणसी (रणभेरी): Banaras Hindu University के बिड़ला ‘ए’ हॉस्टल के बाहर गुरुवार देर रात छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने बिड़ला चौराहे पर सड़क जाम कर नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्य मौके पर पहुंचे, जहां उनकी छात्रों से तीखी बहस हुई। हालांकि, छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे और धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उनके दो साथियों को एक पुराने मारपीट के मामले में फर्जी तरीके से फंसा लिया है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने पुलिस कमिश्नर और प्रॉक्टोरियल बोर्ड को अपनी बेगुनाही के पर्याप्त सबूत सौंपे हैं, इसके बावजूद कार्रवाई की गई।

छात्रों के अनुसार, यह मामला करीब डेढ़ महीने पुराना है, जब करौंदी गेट के पास एक व्यक्ति के साथ मारपीट हुई थी। आरोप है कि उस व्यक्ति ने बिड़ला हॉस्टल के 5-6 छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई, जबकि घटना के समय कई छात्र हॉस्टल परिसर में मौजूद थे।
छात्रों ने दावा किया कि उनके पास सीसीटीवी फुटेज मौजूद है, जिसमें कुछ छात्र बिड़ला ग्राउंड में बैडमिंटन खेलते और कुछ लाइब्रेरी में दिखाई दे रहे हैं। यह फुटेज वार्डेन द्वारा पुलिस को सौंप दी गई है।
इस मामले में चितईपुर थाना प्रभारी राकेश गौतम ने बताया कि दो छात्रों से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच निष्पक्ष होगी और किसी के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा।
