वाराणसी (रणभेरी): वेब सीरीज़ ‘घूसखोर पंडित’ के नाम को लेकर वाराणसी में विवाद तेज हो गया है। काशी के ब्राह्मण समाज ने इस शीर्षक को समाज की छवि धूमिल करने वाला बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है। गंगा घाट पर बटुकों के साथ हुए प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने अभिनेता मनोज वाजपेयी की तस्वीर के साथ अपना आक्रोश जाहिर किया।
बटुकों संग गंगा घाट पर प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ‘पंडित’ शब्द का इस तरह नकारात्मक संदर्भ में प्रयोग करना पूरे ब्राह्मण समाज का अपमान है। उनका आरोप है कि मनोरंजन के नाम पर एक विशेष वर्ग को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। गंगा घाट पर नारेबाज़ी और प्रतीकात्मक प्रदर्शन के ज़रिये समाज ने अपनी नाराज़गी खुलकर जताई।
समाज की भावनाएं आहत: पवन कुमार शुक्ला
ब्राह्मण समाज, वाराणसी के प्रतिनिधि पवन कुमार शुक्ला ने कहा कि वेब सीरीज़ के नाम से धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने स्पष्ट मांग रखी कि निर्माता तत्काल शीर्षक में बदलाव करें, अन्यथा आंदोलन को बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा।
48 घंटे का अल्टीमेटम
प्रदर्शनकारियों ने निर्माताओं को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि समय रहते नाम नहीं बदला गया तो विरोध और व्यापक होगा। फिलहाल यह विवाद प्रशासन और निर्माता पक्ष, दोनों के लिए चुनौती बनता दिख रहा है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि निर्माता पक्ष अल्टीमेटम पर क्या रुख अपनाता है और क्या यह मामला आने वाले दिनों में सांस्कृतिक विवाद से आगे बढ़कर राजनीतिक रंग लेता है या नहीं।
