UP कॉलेज हत्याकांड : चश्मदीद बोली-‘मेरे सामने मंजीत ने सूर्या को मारीं चार गोलियां, रोकती रही पर नहीं माना’

UP कॉलेज हत्याकांड : चश्मदीद बोली-‘मेरे सामने मंजीत ने सूर्या को मारीं चार गोलियां, रोकती रही पर नहीं माना’

वाराणसी (रणभेरी): उदय प्रताप स्वायत्तशासी डिग्री कॉलेज (UP कॉलेज) में छात्र सूर्य प्रताप सिंह उर्फ सूर्या की गोली मारकर हत्या के मामले में प्रत्यक्षदर्शी छात्रा शिवांगी सिंह ने घटना की पूरी कहानी बताई है। शिवांगी ने कहा कि जब आरोपी मंजीत सूर्या को गोली मार रहा था, तब वह सामने खड़ी होकर उसे रोकने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन उसने उनकी एक नहीं सुनी।

सोमवार को सूर्या को श्रद्धांजलि देने के लिए छात्रों ने कॉलेज परिसर में कैंडल मार्च निकाला। इस मार्च का नेतृत्व भी शिवांगी सिंह ने किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि घटना के वक्त वह कहां थीं और कैसे उनकी आंखों के सामने पूरी वारदात हुई।\

UP कॉलेज हत्याकांड : चश्मदीद बोली-‘मेरे सामने मंजीत ने सूर्या को मारीं चार गोलियां, रोकती रही पर नहीं माना’

‘पटाखे जैसी आवाज आई, पीछे मुड़ी तो सूर्या जमीन पर पड़े थे’

शिवांगी ने बताया कि 20 मार्च को वह रोज की तरह कॉलेज में क्लास के बाद लाइब्रेरी गई थीं। उसी दौरान उनकी एक दोस्त आ गई, जिसके बाद वह लाइब्रेरी में बैग छोड़कर क्लास की ओर सीढ़ियां चढ़ रही थीं। उन्होंने बताया कि सीढ़ियों के पास सूर्या खड़े थे। तभी अचानक पटाखा चलने जैसी तेज आवाज आई। जब वह पीछे मुड़ीं तो देखा कि सूर्या जमीन पर गिरे पड़े थे और उनके सीने से खून निकल रहा था। उस समय आरोपी मंजीत के हाथ में पिस्टल थी और वह उसे लोड कर रहा था। उन्हें आते देख वह वहां से भाग गया।

‘मुझे धमकाया- यहां से भाग जाओ, वरना गोली मार दूंगा’

शिवांगी ने बताया कि वह दौड़कर सूर्या के पास पहुंचीं ही थीं कि तभी मंजीत दोबारा वहां आ गया। उसने उन्हें धमकी देते हुए कहा कि यहां से भाग जाओ, नहीं तो तुम्हें भी गोली मार दूंगा। शिवांगी के मुताबिक, वह डरकर कुछ पीछे हट गईं। इसी दौरान मंजीत ने उनके सामने खड़े होकर सूर्या के ऊपर तीन और गोलियां दाग दीं।

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दोस्तों के पहुंचने पर छत से कूदकर भागा आरोपी

शिवांगी ने बताया कि गोलियों की आवाज सुनकर सूर्या के दोस्त भी मौके पर पहुंच गए। छात्रों ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह पहली मंजिल की छत से कूदकर वहां से फरार हो गया।

‘मैं बार-बार कह रही थी मत मारो, वह मर जाएगा’

शिवांगी ने कहा कि वह लगातार मंजीत को रोक रही थीं और उससे कह रही थीं कि मत मारो, वह मर जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर आरोपी दोबारा गोलियां नहीं चलाता तो शायद एंबुलेंस से सूर्या को अस्पताल ले जाया जा सकता था और उसकी जान बच सकती थी।

‘अगर हम आवाज नहीं उठाएंगे तो कौन उठाएगा’

कैंडल मार्च के दौरान शिवांगी ने कहा कि अगर छात्र डर जाएंगे तो कल उनके लिए भी कोई खड़ा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सूर्या के लिए आवाज उठाना जरूरी है, क्योंकि अगर आज वे चुप रहेंगे तो कल उनके लिए भी कोई आवाज उठाने वाला नहीं होगा।

‘प्रोफेसर नहीं आए मदद के लिए’

शिवांगी ने कॉलेज प्रशासन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना के बाद कोई प्रोफेसर सूर्या को बचाने के लिए आगे नहीं आया। केवल पॉलिटिकल साइंस के एक प्रोफेसर छात्रों से कहते रहे कि किसी तरह उसे अस्पताल पहुंचाओ, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया।

‘प्रिंसिपल ने कार देने से किया मना’

शिवांगी के अनुसार, जब छात्रों ने घायल सूर्या को अस्पताल ले जाने के लिए प्रिंसिपल से कार मांगी तो उन्होंने भी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि मंजीत कॉलेज में पिस्टल लेकर कैसे पहुंच गया। यह कॉलेज प्रशासन की बड़ी लापरवाही है।

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