वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी के मिर्जामुराद और लंका थाना क्षेत्रों में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ठगों ने अलग-अलग तरीकों से झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर ली। दोनों मामलों में पुलिस जांच में जुट गई है।
मोबाइल हैक होने का डर दिखाकर 28.60 लाख उड़ाए
मिर्जामुराद क्षेत्र के मेहंदीगंज गांव निवासी सराजनाथ सिंह के साथ बड़ी साइबर ठगी हुई। पीड़ित के अनुसार, बीते शनिवार वह घर पर थे तभी एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को तकनीकी सहायता से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए कहा कि उनका मोबाइल हैक हो चुका है और तुरंत कार्रवाई करनी होगी।
पीड़ित कुछ समझ पाते उससे पहले ही उनके मोबाइल पर बैंक खाते से 28 लाख 60 हजार रुपये निकलने का संदेश आ गया। घटना से घबराए सराजनाथ सिंह ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने मिर्जामुराद थाने में लिखित तहरीर दी। थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
बीएचयू अधिकारी बनकर 22,500 रुपये की ठगी
दूसरा मामला लंका थाना क्षेत्र से सामने आया है। नेवादा स्थित राजेंद्र विहार कॉलोनी निवासी अनुज कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि अभिषेक जैन नाम के युवक ने खुद को काशी हिंदू विश्वविद्यालय का डिप्टी एडमिनिस्ट्रेटर बताकर उनसे संपर्क किया। आरोपी ने बीएचयू के कथित टेंडर से जुड़ी फीस जमा करने के लिए पैसों की जरूरत बताई।
विश्वास में आकर अनुज कुमार ने बताए गए व्यक्ति के बैंक खाते में 22,500 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्होंने बीएचयू से जानकारी ली तो पता चला कि ऐसा कोई अधिकारी वहां कार्यरत नहीं है और न ही कोई टेंडर जारी हुआ था। लंका थाना प्रभारी राकेश गौतम ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान कॉल, लिंक या खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की तुरंत सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।
