वाराणसी (रणभेरी): महाशिवरात्रि और पंचकोस यात्रा के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए वाराणसी ट्रैफिक पुलिस ने शहर के भीतर व्यापक डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था लागू कर दी है। प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन और अभिषेक के लिए लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना के मद्देनज़र मैदागिन से गोदौलिया तक का मार्ग पूरी तरह वाहन मुक्त घोषित किया गया है। पुलिस ने बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने की अपील की है।
ट्रैफिक विभाग के अनुसार भीड़ का दबाव बढ़ने पर दो चरणों में ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा, ताकि शहर के भीतरी हिस्सों में जाम की स्थिति न बने और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनी रहे।
पहले चरण में यह रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन
- पिपलानी कटरा से चार पहिया वाहन मैदागिन की ओर नहीं जाएंगे, इन्हें नाटी इमली की ओर मोड़ा जाएगा।
- विश्वेश्वरगंज से मैदागिन जाने वाले वाहन गोलगड्डा की तरफ डायवर्ट होंगे।
- बेनियाबाग से रामापुरा की ओर चार पहिया वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा, पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा।
- लक्सा से रामापुरा जाने वाले वाहन गुरूबाग और औरंगाबाद की ओर भेजे जाएंगे, दोपहिया पीडीआर मॉल पार्किंग में खड़े होंगे।
- रेवड़ी तालाब और सोनारपुरा से रामापुरा की ओर वाहनों को भेलूपुर व आसपास के मार्गों की तरफ मोड़ा जाएगा।
- संस्कृत विश्वविद्यालय और लहुराबीर से बड़े वाहनों को पहले ही रोककर निर्धारित स्थानों पर पार्क कराया जाएगा।
भीड़ बढ़ने पर दूसरे चरण का प्लान लागू
- लहुराबीर और संस्कृत विश्वविद्यालय से मैदागिन-बेनियाबाग की ओर चार पहिया वाहन पूरी तरह बंद रहेंगे।
- गोलगड्डा से विश्वेश्वरगंज जाने वाले वाहन चौकाघाट और नमो घाट की तरफ भेजे जाएंगे।
- दूसरे जिलों से आने वाले चार पहिया वाहन लक्सा की ओर नहीं जा सकेंगे, इन्हें नीमामाई की ओर मोड़ा जाएगा।
- ब्रॉडवे और अग्रवाल तिराहे से सोनारपुरा-गोदौलिया जाने वाले वाहन डायवर्ट रहेंगे।
शहर में बनाई गई पार्किंग व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में बड़े पैमाने पर पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं। इनमें खोजवा रोड, शंकुलधारा, लक्सा, गोदौलिया मल्टीलेवल पार्किंग, बेनियाबाग, कमच्छा, रविदास पार्क, टाउनहाल, हरिश्चंद्र कॉलेज, संस्कृत विश्वविद्यालय, आईटीआई कॉलेज, क्वींस इंटर कॉलेज और लकड़मंडी क्षेत्र शामिल हैं। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग क्षमता निर्धारित की गई है।
