वाराणसी में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को धमकी, 48 घंटे बाद केस दर्ज, पुलिस जांच तेज

वाराणसी में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को धमकी, 48 घंटे बाद केस दर्ज, पुलिस जांच तेज

वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी के केदार घाट स्थित श्रीविद्या मठ से जुड़े मामले में ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को कथित तौर पर धमकी मिलने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

भेलूपुर थाने में दर्ज हुआ मुकदमा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, धमकी मिलने की शिकायत भेलूपुर थाने में दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने करीब 48 घंटे के भीतर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

पुलिस ने शुरू की तकनीकी जांच

एसीपी गौरव कुमार ने बताया कि शिकायत और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। जिस मोबाइल नंबर और माध्यम से संदेश भेजे गए, उनकी जांच साइबर सेल के जरिए की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर ली जाएगी।

धमकी भरे संदेशों से बढ़ी चिंता

जानकारी के अनुसार, पहले एक मैसेज और उसके बाद दो ऑडियो संदेश भेजे जाने का दावा किया गया है, जिनमें आपत्तिजनक और धमकीपूर्ण बातें कही गई थीं। इन संदेशों को लेकर मठ प्रशासन ने गंभीर आपत्ति जताई और पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

शंकराचार्य ने जताई नाराजगी

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को खुलेआम नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जाती है और उस पर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो यह कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने नागरिक सुरक्षा को प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बताया।

अभियान और गतिविधियां भी चर्चा में

इस बीच उन्होंने अपने “गोमाता-राष्ट्रमाता” अभियान और आगामी कार्यक्रमों का भी उल्लेख किया। बताया गया कि 3 मई से प्रस्तावित “गविष्ठी यात्रा” के तहत वे गोसंरक्षण और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

पुलिस का आश्वासन

पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच सभी तकनीकी और डिजिटल पहलुओं पर केंद्रित है।

Share this news

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *