- मुनादी की समय सीमा खत्म, अब गरजेगा बुलडोजर, प्रशासन कार्रवाई को तैयार
- नवंबर से रुकी थी ध्वस्तीकरण प्रक्रिया, अब फिर होगा शुरू
- विरोध करने वालों पर पहले ही दर्ज हो चुका है मुकदमा
वाराणसी (रणभेरी): दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे भवनों और दुकानों को खाली करने के लिए दी गई अंतिम मोहलत समाप्त हो चुकी है। मुआवजा लेकर रजिस्ट्री कराने वाले भवन स्वामियों के लिए अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी कर ली है। मुनादी के जरिए दी गई समय सीमा सोमवार को पूरी होते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है और किसी भी वक्त बुलडोजर की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। दालमंडी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण को लेकर लंबे समय से प्रक्रिया चल रही है।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जिन भवन स्वामियों ने मुआवजा स्वीकार कर अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री करा दी है, उन्हें अब भवन और दुकानें खाली करनी होंगी। इसके साथ ही पानी, बिजली और इंटरनेट जैसी जरूरी सुविधाओं की लाइन शिफ्टिंग के लिए भी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है, ताकि ध्वस्तीकरण के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए।
अफसरों के अनुसार, जिन भवनों या दुकानों पर बकाया है अथवा जिनका निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे के किया गया है, उन पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है। ऐसे मामलों में संबंधित स्वामियों से रजिस्ट्री कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, ताकि चौड़ीकरण की प्रक्रिया में किसी तरह की कानूनी अड़चन न रहे। गौरतलब है कि नवंबर महीने में दालमंडी में कुछ भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद यह कार्रवाई अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। करीब डेढ़ महीने तक स्थिति यथावत बनी रही, लेकिन इसके बाद प्रशासन ने दोबारा मुनादी कराकर चौड़ीकरण की जद में आ रहे भवनों और दुकानों को खाली करने का अल्टीमेटम दिया। अफसरों ने साफ कहा कि मुआवजा लेकर रजिस्ट्री कराने वाले जल्द से जल्द अपना सामान हटा लें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नवंबर में जब ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई थी, तब कुछ लोगों ने विरोध करते हुए सरकारी कार्य में बाधा डाली थी। इस मामले में वीडीए के जोनल अधिकारी (जोन-3) सौरभ देव प्रजापति की तहरीर पर चौक थाने में दो नामजद और 25–30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। नामजद आरोपियों में मो. सालिम और इमरान उर्फ बब्बू शामिल थे। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद से दालमंडी क्षेत्र में चौड़ीकरण या ध्वस्तीकरण के विरोध में खुलकर बोलने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा है।
इधर, दालमंडी में चौड़ीकरण की जद में आने वाले अन्य भवन और दुकानों के स्वामी भी अपने दस्तावेजों के साथ चौक थाने में बनाए गए पीडब्ल्यूडी के कैंप कार्यालय पहुंच रहे हैं। यहां वे मुआवजा और रजिस्ट्री से जुड़ी जानकारी ले रहे हैं। प्रशासन के अनुसार अब तक करीब 40 भवन स्वामियों ने अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्री करा दी है। अधिकारियों का कहना है कि चिन्हित भवनों के वैध कागजात प्रस्तुत करने पर मुआवजा प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना को किसी भी सूरत में रोका नहीं जाएगा। समय सीमा समाप्त होने के बाद अब कार्रवाई तय मानी जा रही है और आने वाले दिनों में दालमंडी में बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण देखने को मिल सकता है।
