माघ मेला: स्नान पर्वों पर सख्त यातायात डायवर्जन, शहर में महाकुंभ जैसी व्यवस्था

माघ मेला: स्नान पर्वों पर सख्त यातायात डायवर्जन, शहर में महाकुंभ जैसी व्यवस्था

वाराणसी (रणभेरी) : माघ मेला और गंगा में पलट प्रवाह को देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने शहर में व्यापक यातायात डायवर्जन लागू कर दिया है। प्रमुख स्नान तिथियों पर महाकुंभ जैसी व्यवस्थाएं की जाएंगी। भीड़ और यातायात का दबाव बढ़ने पर शहर के पांच थानों- मिर्जामुराद, राजातालाब, रोहनिया, रामनगर और लंका- में होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं, जहां वाहनों को 12-12 घंटे तक रोका जा सकेगा।

मैदागिन-चौक- गोदौलिया क्षेत्र को पूरी तरह नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है। शहर के भीतर केवल छह निर्धारित रूटों पर ही ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन होगा। बाहरी वाहनों को हाईवे पर ही रोका जाएगा और उन्हें निर्धारित पार्किंग स्थलों में ही खड़ा करना होगा।

दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट और शहर के आंतरिक घाटों पर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। एडीसीपी यातायात अंशुमान मिश्रा ने बताया कि अत्यधिक भीड़ की स्थिति में राजघाट पुल पर भी चारपहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया जा सकता है। गाजीपुर और आजमगढ़ से माघ मेला आने वाली प्राइवेट बसें और चारपहिया वाहन रिंग रोड से होकर जाएंगे, शहर में उनका प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

बिहार और चंदौली की ओर से आने वाले माघ मेला यात्रियों के वाहनों को एनएच-19 से विश्वसुंदरी पुल, अखरी और मोहनसराय के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा। सोनारपुरा तिराहे से गोदौलिया की ओर किसी भी प्रकार के वाहन नहीं जाएंगे, उन्हें ब्रॉडवे तिराहे की तरफ मोड़ा जाएगा। इसी तरह अग्रवाल तिराहे से अस्सी की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

प्रमुख प्रतिबंध व डायवर्जन

गोलगड्डा से विशेश्वरगंज की ओर वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। ऐसे वाहनों को यू-टर्न कर लकड़मंडी की ओर भेजा जाएगा। लकड़मंडी तिराहे से गोलगड्डा और भदऊ चुंगी की ओर भी वाहन नहीं जा सकेंगे, उन्हें कैंट ओवरब्रिज के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा। मछोदरी से विशेश्वरगंज आने वाले वाहनों को विशेश्वरगंज तिराहे से आगे नहीं जाने दिया जाएगा। मैदागिन चौराहे से थाना चौक होते हुए गोदौलिया की ओर भी किसी प्रकार का वाहन नहीं जाएगा।

स्नान पर्वों पर उमड़ेगी भारी भीड़

पुलिस के अनुसार मकर संक्रांति पर 14 से 16 जनवरी के बीच तीन से चार लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। मौनी अमावस्या (18 जनवरी) और वसंत पंचमी (23 जनवरी) पर लगभग दो-दो लाख श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। माघी पूर्णिमा (2–3 फरवरी) और महाशिवरात्रि (16–17 फरवरी) पर करीब पांच-पांच लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई गई है।

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