वाराणसी (रणभेरी): आध्यात्मिक गुरु Sri Sri Ravi Shankar बुधवार को वीवीआईपी प्रोटोकॉल के साथ Kashi Vishwanath Temple पहुंचे। यहां उन्होंने करीब आधे घंटे तक बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए और मंदिर परिसर में बैठकर भगवान शिव की आराधना की।
दर्शन के बाद वह मंदिर परिसर से निकलकर गलियों के रास्ते गंगा तट स्थित Vishalakshi Temple पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि काशी का आध्यात्मिक महत्व अद्वितीय है। यह भगवान शिव की नगरी है, जहां मां पार्वती का भी विशेष स्थान है। उनका कहना था कि हर व्यक्ति को जीवन में एक बार काशी जरूर आना चाहिए, क्योंकि यहां आकर जीवन के सत्य का अनुभव होता है।
मंदिर से बाहर निकलते समय उनके अनुयायी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन अत्यंत दिव्य रहे। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि पूरी दुनिया में शांति बनी रहे और भारत निरंतर प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़े।
अंतरराष्ट्रीय हालात पर भी जताई चिंता
दुनिया में चल रहे संघर्षों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने Iran और Israel के बीच जारी तनाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई देशों के बीच युद्ध और तनाव की स्थिति है, जिससे मानवता प्रभावित हो रही है। ऐसे समय में सभी को शांति और सद्भाव की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि उन्होंने बाबा विश्वनाथ से विश्व में भाईचारा और शांति स्थापित होने की प्रार्थना की है। उनके अनुसार आध्यात्मिकता और प्रार्थना का मार्ग ही दुनिया को विनाश से बचा सकता है।
काशी में सत्संग कार्यक्रम में होंगे शामिल
वाराणसी प्रवास के दौरान आध्यात्मिक गुरु Sri Sri Ravi Shankar शहर में आयोजित एक निजी सत्संग कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। यह कार्यक्रम Rudraksh Convention Centre में आयोजित किया जाएगा, जहां वह करीब एक घंटे तक अपने अनुयायियों को संबोधित करेंगे। इसके बाद वह वाराणसी से रवाना हो जाएंगे।
