वाराणसी (रणभेरी): एनएसयूआई (NSUI) की ओर से प्रस्तावित एक सभा से पहले पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस और छात्र संगठन से जुड़े कई कार्यकर्ताओं को उनके घरों में ही रोक दिया। यह कार्रवाई शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। कांग्रेस ने इस कदम पर तीखी आपत्ति जताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा प्रहार बताया है।
सूत्रों के मुताबिक, एनएसयूआई द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की सूचना पर पुलिस ने एहतियाती कदम उठाते हुए कई कार्यकर्ताओं को घर से बाहर निकलने से रोक दिया। इसी क्रम में बीएचयू के लंका गेट और प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था नजर आई।
कांग्रेस का आरोप: बिना वजह दमनात्मक कार्रवाई
कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने पुलिस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि वाराणसी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लगातार बिना ठोस कारण के नजरबंद किया जाना निंदनीय है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण और संवैधानिक गतिविधियों को दबाने के लिए पुलिस का सहारा लिया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में जिस तरह से कार्यकर्ताओं को बिना किसी स्पष्ट वजह के रोका जा रहा है, वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर कुठाराघात है।
चेतावनी: कानूनी और संवैधानिक रास्ते से होगा विरोध
महानगर अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की सरकारें अब लोकतांत्रिक विरोध से असहज हो चुकी हैं और जनता की आवाज उठाने वालों को दबाने के लिए प्रशासनिक शक्ति का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इन तरीकों से डरने वाली नहीं है और यदि इस तरह की कार्रवाई नहीं रुकी तो मामला मानवाधिकार आयोग और न्यायिक मंचों तक ले जाया जाएगा।
एनएसयूआई की सफाई: वायरल वीडियो से पैदा हुआ भ्रम

इस पूरे घटनाक्रम पर एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ ने कहा कि प्रधानमंत्री जनसंपर्क कार्यालय जाने की बात से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके चलते पुलिस को भ्रम हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन की ओर से फिलहाल कोई कार्यक्रम तय नहीं है और पुलिस से अनुरोध किया कि कार्यकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
