वाराणसी (रणभेरी): समीक्षा अधिकारी एवं सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा-2023 के प्रश्नपत्र लीक मामले में यूपी एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ की लखनऊ इकाई ने गुरुवार रात अखरी बाईपास, रोहनिया से आरोपी कृष्णा पांडेय को गिरफ्तार कर लिया। वह पिछले दो वर्षों से फरार चल रहा था। आरोपी गाजीपुर जिले के सैदपुर थाना क्षेत्र के कनेरी पिपनार गांव का निवासी है।
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक लाल प्रताप सिंह के अनुसार, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 11 फरवरी 2024 को यह परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने की शिकायत मिली थी। इसके बाद शासन ने परीक्षा निरस्त कर जांच एसटीएफ को सौंप दी थी।
जांच के दौरान एसटीएफ ने एक विशेष टीम गठित कर पूरे मामले का खुलासा किया। निरीक्षक अंजनी पांडेय की टीम को सूचना मिली कि आरोपी वाराणसी में मौजूद है। इसके आधार पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में कृष्णा पांडेय ने बताया कि उसने और उसके साले आलोक मिश्रा ने परीक्षा का फॉर्म भरा था। परीक्षा से करीब दो सप्ताह पहले वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के पास उनकी मुलाकात अमरजीत शर्मा नामक व्यक्ति से हुई। उसने दावा किया कि वह प्रश्नपत्र लीक करवा सकता है, जिसके बदले प्रति व्यक्ति 12 लाख रुपये की मांग की गई।
लालच में आकर दोनों ने एडवांस के तौर पर 3-3 लाख रुपये दिए। इसके साथ ही आरोपी ने उनकी शैक्षिक मार्कशीट और बैंक के ब्लैंक चेक भी अपने पास रख लिए। बाद में उन्हें भोपाल बुलाया गया, जहां एक होटल में कई अन्य अभ्यर्थियों के साथ प्रश्नपत्र और उत्तर दिखाए गए।
करीब चार घंटे बाद सभी सामग्री वापस ले ली गई और परीक्षा देने के लिए भेज दिया गया। आरोपी के अनुसार, परीक्षा में वही प्रश्न आए जो उन्हें पहले दिखाए गए थे। हालांकि बाद में पेपर लीक का मामला उजागर होने पर परीक्षा रद्द कर दी गई।
जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह के अन्य सदस्य अमरजीत शर्मा, सुभाष प्रकाश और विवेक उपाध्या पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस संबंध में प्रयागराज के सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज है। एसटीएफ अब मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
