वाराणसी (रणभेरी) : दालमंडी गली के चौड़ीकरण का काम जनवरी से एक बार फिर तेज हो गया है। शनिवार को परियोजना के तहत आठवें मकान का ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी द्वारा परचेज किए गए भवन पर कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा कारणों से मकान की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई और आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहा।
नवंबर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक के बाद इस परियोजना को मिशन मोड में लेने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद नवंबर 2025 में लगातार कार्रवाई करते हुए छह मकानों को ध्वस्त किया गया। SIR स्कीम लागू होने के बाद करीब डेढ़ महीने तक काम ठप रहा, जिसे अब दोबारा शुरू कर दिया गया है।

भारी सुरक्षा व्यवस्था, चार थाने की फोर्स संग PAC और RRF तैनात
बुधवार को दालमंडी स्थित मकान संख्या CK 43/113 को गिराने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। तीन मंजिला इस भवन के दो फ्लोर पहले ही तोड़े जा चुके थे। शनिवार को इसी क्रम में आठवें मकान पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई। किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए इलाके में एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान के नेतृत्व में चार थानों की पुलिस, PAC और RRF की तैनाती रही। सभी एंट्री पॉइंट्स को सील कर दिया गया।
क्या है दालमंडी परियोजना, कैसी बनेगी सड़क
दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है। प्रधानमंत्री ने अपने 51वें काशी दौरे के दौरान इस परियोजना का शिलान्यास किया था। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से 215.88 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। कुल 186 भवन और दुकानों के स्वामियों को लगभग 191 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे।
नई सड़क से चौक थाने तक करीब 650 मीटर की दालमंडी गली को 60 फुट चौड़ा किया जाएगा। इसमें 30 फुट की मुख्य सड़क और दोनों ओर 15-15 फुट चौड़ी पटरियां होंगी। बिजली, सीवर और पानी की लाइनें अंडरग्राउंड की जाएंगी तथा ऊपर फैले तारों का जाल हटाया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, चौड़ीकरण के बाद बाजार में आवाजाही सुगम होगी और कारोबारियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। सभी भवनों का चिन्हांकन और पंजीकरण पूरा कर लिया गया है। मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाएगी।
