वाराणसी (रणभेरी): शहर में ई-रिक्शा चालकों की बढ़ती समस्याओं को लेकर मंगलवार को ई-रिक्शा चालक कल्याण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता घनश्याम यादव ने की। यह बैठक आदित्यनगर पोखरा मलियाना क्षेत्र में रूट संख्या-4 के समस्त ई-रिक्शा चालक एवं मालिकों की समस्याओं पर केंद्रित रही।
बैठक में आदित्यनगर पोखरा मलियाना क्षेत्र में लगाए गए यातायात प्रतिबंध को लेकर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया। चालकों ने बताया कि लंका चौराहा से आने के बाद प्रशासन द्वारा जबरन यू-टर्न करवाया जा रहा है, जिससे यात्रियों को लेने-छोड़ने में भारी असुविधा हो रही है। इसके चलते उनकी आय प्रभावित हो रही है और हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है।

चालकों ने प्रशासन से मांग की कि बीच मार्ग में ई-रिक्शा (टोटो) के लिए कट अथवा वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए, ताकि यातायात भी सुचारु रहे और चालक-यात्रियों को भी राहत मिल सके। उनका कहना था कि वर्तमान व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है और इससे अनावश्यक परेशानी उत्पन्न हो रही है।

बैठक में चालकों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा जबरन चालान काटे जा रहे हैं, जिससे उनमें भय और असंतोष का माहौल है। सर्वसम्मति से मांग की गई कि अनावश्यक चालान की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए तथा नियमों को जनहित और व्यवहारिक दृष्टिकोण से लागू किया जाए।

समिति ने निर्णय लिया कि समस्याओं के समाधान के लिए उच्च अधिकारियों से शीघ्र वार्ता की जाएगी। यदि समय रहते ठोस समाधान नहीं निकला तो रूट संख्या-4 के सभी ई-रिक्शा चालक पूर्ण हड़ताल और बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। समिति के पदाधिकारियों ने सभी चालक एवं मालिकों से एकजुट रहने और संभावित आंदोलन में अनिवार्य रूप से शामिल होने की अपील की है। प्रशासन से भी संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित समाधान की मांग की गई है।
