वाराणसी (रणभेरी): मां अन्नपूर्णा मंदिर में शनिवार को एलपीजी संकट का असर देखने को मिला। गैस सिलेंडर की कमी के कारण मंदिर के अन्नक्षेत्र की रसोई में चूल्हा नहीं जल सका, जिससे दर्शन के बाद भोजन और प्रसाद के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को मायूस होकर लौटना पड़ा। मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता अन्नपूर्णा के दर्शन के साथ अन्नक्षेत्र में प्रसाद और भोजन ग्रहण करते हैं। शनिवार सुबह भी भक्त बड़ी उम्मीद के साथ मंदिर पहुंचे। दर्शन के बाद जब वे अन्नक्षेत्र में भोजन के लिए पहुंचे तो वहां रसोई बंद मिली।
कर्मचारियों ने बताया कि गैस सिलेंडर की कमी के कारण भोजन और प्रसाद की तैयारी नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि काशी में यह पहला मौका है जब गैस सिलेंडर की कमी के चलते किसी मंदिर की सार्वजनिक रसोई को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। अन्नक्षेत्र में रोजाना सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिए भोजन और प्रसाद तैयार किया जाता है, जिसके लिए बड़ी मात्रा में एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता होती है।
रसोइयों के अनुसार सुबह भोजन और प्रसाद बनाने की तैयारी शुरू की गई थी, लेकिन पर्याप्त ईंधन उपलब्ध नहीं होने के कारण रसोई का काम रोकना पड़ा। मंदिर आने वाले श्रद्धालु जब अन्नक्षेत्र पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि फिलहाल प्रसाद और भोजन उपलब्ध नहीं है। इसके बाद कई श्रद्धालु बांसफाटक की ओर से मायूस होकर वापस लौट गए।
मंदिर परिसर में मौजूद भक्तों ने बताया कि अन्नपूर्णा माता के मंदिर में भोजन प्रसाद की विशेष परंपरा है। यहां आने वाले कई श्रद्धालु दर्शन के बाद अन्नक्षेत्र में भोजन ग्रहण करते हैं। ऐसे में रसोई बंद होने से उन्हें निराशा हुई। मामले की जानकारी मिलने के बाद मंदिर प्रशासन हरकत में आया और गैस सिलेंडर की व्यवस्था करने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही सिलेंडर उपलब्ध कराकर रसोई को दोबारा सुचारु करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि अन्नक्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार किया जाता है, जिसके लिए काफी मात्रा में गैस सिलेंडर की खपत होती है। अचानक सिलेंडर की कमी होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई। हालांकि प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही व्यवस्था सामान्य कर दी जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में शहर में एलपीजी सिलेंडर को लेकर दिक्कतें सामने आ रही हैं। इसका असर अब धार्मिक स्थलों तक भी पहुंचने लगा है। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से गैस की आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की है, ताकि आम लोगों के साथ-साथ मंदिरों और अन्य संस्थानों को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
मां अन्नपूर्णा मंदिर काशी के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। यहां संचालित अन्नक्षेत्र को सेवा और भक्ति की परंपरा का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में एलपीजी संकट के कारण रसोई का बंद होना भक्तों के लिए चर्चा का विषय बना रहा।
