वाराणसी (रणभेरी) : उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने काशी प्रवास के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का पद सर्वोच्च है और वे जहां भी जाएंगे, उनका सम्मान किया जाएगा। मौर्य ने खुद को रामभक्त बताते हुए कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से भी उनका अभिनंदन करने को तैयार हैं।
गोहत्या के आरोपों पर दिया जवाब
शंकराचार्य द्वारा प्रदेश में गोहत्या को लेकर उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था सुदृढ़ है और गौ संरक्षण सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। उनका कहना था कि राज्य में किसी भी असामाजिक तत्व को गौ माता को क्षति पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि गाय के प्रति समाज की आस्था गहरी है और उसकी सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। “गौ माता सभी का पालन करती हैं, उन्हें किसी विशेष दर्जे की आवश्यकता नहीं है,”
माघ मेले की घटना के बाद बढ़ा विवाद
प्रयागराज के माघ मेले में बटुकों के साथ हुई कथित अभद्रता के बाद से शंकराचार्य और योगी आदित्यनाथ के बीच बयानबाजी तेज हो गई थी। इस पूरे प्रकरण में केशव मौर्य लगातार शंकराचार्य के समर्थन में बोलते रहे हैं। गौरतलब है कि शंकराचार्य ने हाल में राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए स्लॉटर हाउस बंद करने और गाय को ‘राज्य माता’ का दर्जा देने की मांग की थी।

विपक्ष पर तीखा हमला
डिप्टी सीएम ने अखिलेश यादव पर भी सीधा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार में रामभक्तों और शिवभक्तों के साथ अन्याय हुआ और तुष्टिकरण की राजनीति की गई। साथ ही मौर्य ने कहा कि विपक्ष धार्मिक भावनाओं के मुद्दे पर बयान देकर जनता का विश्वास जीतने की कोशिश कर रहा है, लेकिन प्रदेश की जनता सब समझती है।
2047 तक भाजपा सरकार का दावा
आगामी चुनावों को लेकर डिप्टी सीएम ने भरोसा जताया कि विकास और सुशासन के आधार पर भारतीय जनता पार्टी लंबे समय तक सत्ता में बनी रहेगी। उनका दावा था कि 2047 तक भाजपा सरकार को कोई चुनौती नहीं दे पाएगा और विपक्षी गठबंधन सफल नहीं होंगे।
