गुरुधाम श्रीराम मंदिर में कथा, राम नाम की महिमा पर हुआ भावपूर्ण प्रवचन
वाराणसी (रणभेरी) : श्रीमद् जगतगुरु रामानंदाचार्य के 726वें प्राकट्य महोत्सव के अवसर पर श्रीरामानंद विश्व हितकारिणी परिषद एवं श्री वैष्णव विरक्त संत समाज काशी के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को गुरुधाम स्थित श्रीराम मंदिर में नवदिवसीय श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा प्रवक्ता श्रीमद् जगतगुरु काशी पीठाधीश्वर स्वामी डॉ. राम कमलाचार्य वेदांती जी महाराज ने मंगलाचरण के साथ कथा का प्रारंभ किया।

उन्होंने महर्षि याज्ञवल्क्य और महर्षि भारद्वाज के संवाद का वर्णन करते हुए कहा कि राम नाम के दो अक्षरों में समस्त सुख निहित हैं। ‘रा’ उच्चारण से पाप नष्ट होते हैं और ‘म’ से पाप प्रवेश नहीं कर पाते। राम सगुण-निर्गुण दोनों रूपों में कण-कण में विराजमान होकर जीव का कल्याण करते हैं।
स्वामी जी ने कहा कि जगतगुरु रामानंदाचार्य ने जाति-पाति के भेदभाव से ऊपर उठकर सनातन समाज को एक सूत्र में बांधा। काशी में उनके बारह प्रमुख शिष्यों के नाम पर आज भी बारह मोहल्ले प्रसिद्ध हैं। उन्होंने काशी की महत्ता, काल भैरव और रामनगर पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। इससे पूर्व प्रातः मानस अंताक्षरी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।
