“क्या खिलाओगे?”- दुकानदार से पूछा सवाल, विक्रमादित्य महानाट्य देखने की भी अपील
वाराणसी (रणभेरी): मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव अपने काशी प्रवास के दूसरे दिन शनिवार सुबह अलग ही अंदाज़ में नजर आए। वे अपनी पत्नी सीमा यादव के साथ शहर की प्रसिद्ध राम भंडार की दुकान पर पहुंचे, जहां उन्होंने आम नागरिकों के बीच बैठकर कचौड़ी और लस्सी का आनंद लिया।
दुकान पर पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए दुकानदार से पूछा, “क्या खिलाओगे?” इस सहज संवाद ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और माहौल आत्मीय बन गया। इसके बाद उन्होंने कचौड़ी और लस्सी का ऑर्डर दिया और आम लोगों के साथ बैठकर नाश्ता किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया।

नाश्ते के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने काशी में आयोजित ‘विक्रमादित्य महानाट्य’ की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जो भी काशी आए, उसे यह अद्भुत प्रस्तुति अवश्य देखनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर की कृपा से उन्हें एक सप्ताह के भीतर दो बार काशी आने का अवसर मिला है, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं। उन्होंने काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा की भी प्रशंसा की।

सम्राट विक्रमादित्य के व्यक्तित्व पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भारतीय इतिहास के ऐसे महान शासक थे, जिनकी कीर्ति आज भी जनमानस में जीवित है। “विक्रमादित्य न्याय और पराक्रम के प्रतीक हैं। उनके जीवन पर आधारित यह नाट्य मंचन न केवल मनोरंजक, बल्कि अत्यंत शिक्षाप्रद भी है,”
मुख्यमंत्री ने इस आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि मां गंगा के तट पर इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम भारतीय विरासत को जीवंत बनाए रखते हैं। उन्होंने श्रीराम-लक्ष्मण, श्रीकृष्ण-बलराम और भर्तृहरि-विक्रमादित्य जैसे ऐतिहासिक व पौराणिक भाईयों की जोड़ी का उल्लेख करते हुए भारतीय संस्कृति की महान परंपरा को रेखांकित किया।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारें मिलकर पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बेतवा नदी परियोजना सहित कई संयुक्त प्रयास भी जारी हैं।
