यूपी कॉलेज हत्याकांड के बाद अफवाहों पर प्रशासन सख्त
वाराणसी (रणभेरी)। यूपी कॉलेज परिसर में छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों को लेकर कॉलेज प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्राचार्य धर्मेंद्र कुमार सिंह ने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया।
प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि उन्होंने घटना से पहले सूर्य प्रताप सिंह और मनजीत चौहान को अपने पास बुलाया था, जबकि यह पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को इस पर संदेह है तो उनके मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच कराई जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के समय उनके मौके पर मौजूद होने की बात भी भ्रामक है। प्राचार्य के अनुसार, वह अपने कक्ष में थे और घटना की जानकारी मिलने के बाद ही बाहर आए।
घायल छात्र को अस्पताल न भेजने के आरोपों को भी उन्होंने खारिज किया। प्राचार्य ने बताया कि गोली लगने के तुरंत बाद कॉलेज के प्रोफेसर मनोज कुमार सिंह ने उनकी गाड़ी से ही छात्र को अस्पताल पहुंचाया।
प्राचार्य ने अपील की कि बिना पुष्टि के किसी भी प्रकार की खबरें न फैलाएं। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति सच्चाई जानना चाहता है, वह पहले कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर ले। गलत सूचनाएं न केवल संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि जांच प्रक्रिया को भी प्रभावित करती हैं।
