सिलिंडर गायब, मैसेज हाजिर! ट्रॉलीमैन के खेल में फंसे उपभोक्ता

सिलिंडर गायब, मैसेज हाजिर! ट्रॉलीमैन के खेल में फंसे उपभोक्ता
  • 25 दिन बाद बुकिंग, फिर 10-15 दिन इंतजार, रसोई पर छाया संकट
  • ट्रॉलीमैन पर खुले बाजार में महंगे दाम पर सिलिंडर बेचने का आरोप
  • एजेंसियों का दावा – बढ़ी बुकिंग से सिस्टम चरमराया, जल्द हो जाएगा सुधार

वाराणसी (रणभेरी): रसोई गैस सिलिंडर की सप्लाई को लेकर शहर में संकट गहराता जा रहा है। एलपीजी गैस की बढ़ती पेंडेंसी ने उपभोक्ताओं की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। हालात यह हैं कि सिलिंडर की डिलीवरी हुए बिना ही उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर “डिलीवर” का मैसेज पहुंच जा रहा है। इससे उपभोक्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और गैस एजेंसियों से लेकर गोदाम तक चक्कर काटने को मजबूर हैं।

उपभोक्ताओं का आरोप है कि ट्रॉलीमैन इस अव्यवस्था का खुलकर फायदा उठा रहे हैं। डिलीवरी के लिए मिले सिलिंडर को खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचने की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं, जिन उपभोक्ताओं के नाम पर सिलिंडर बुक होता है, उन्हें न तो समय पर डिलीवरी मिल रही है और न ही एजेंसी स्तर पर कोई ठोस जवाब।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बिना सिलिंडर पहुंचे ही उपभोक्ताओं के मोबाइल पर डिलीवरी का मैसेज आ जाता है। जब इस संबंध में एजेंसी से शिकायत की जाती है तो इसे “सिस्टम फॉल्ट” बताकर टाल दिया जाता है। इससे उपभोक्ताओं का गुस्सा और बढ़ रहा है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि एक बार सिलिंडर बुक कराने के बाद उपभोक्ताओं को लगभग 25 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बाद दोबारा बुकिंग की प्रक्रिया शुरू होती है, जिसमें फिर 10 से 15 दिन का समय लग जाता है। जबकि एक घरेलू गैस सिलिंडर सामान्यतः 20 से 25 दिन ही चलता है। ऐसे में लोगों की रसोई व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ रही है।

कई उपभोक्ता मजबूरी में खाली सिलिंडर लेकर गैस गोदाम और एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन वहां भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। अधिकतर मामलों में उपभोक्ताओं को आश्वासन देकर लौटा दिया जा रहा है। वहीं गैस एजेंसियों और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा हालात अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और बढ़ती मांग के कारण बने हैं। पहले जहां प्रतिदिन 300 से 350 सिलिंडर की बुकिंग होती थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 650 से 700 तक पहुंच गई है। कई दिनों में यह आंकड़ा 1000 के पार भी चला जाता है, जिससे बैकलॉग लगातार बढ़ रहा है।

अधिकारियों का दावा है कि बढ़ी हुई मांग के बावजूद होम डिलीवरी की व्यवस्था जारी है और स्थिति को जल्द सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। इधर प्रशासनिक अधिकारियों ने गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न होने दी जाए और समय से सिलिंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। बावजूद इसके जमीनी हकीकत यही है कि उपभोक्ता अभी भी राहत का इंतजार कर रहे हैं और ट्रॉलीमैन के खेल पर लगाम लगने का कोई ठोस संकेत नजर नहीं आ रहा।

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